गाजीपुर स्थित दूसरा ताजमहल देता है पवित्र प्रेम की प्रेरणा

प्रेम का इतिहास लैला-मजनू, रोमियो-जूलियट, हीर-रांझा जैसे बेशुमार प्रमियों की अनूठी प्रेम दास्तां से भरा पड़ा है। इन अनूठी प्रेम कहानियों में मुमताज और शाहजहां की प्रेम दास्तां आज भी ताजमहल के रूप में दुनिया के सामने है। अपनी प्रेमिका मुमताज की याद में मुगल बादशाह शाहजहां ने ताजमहल की तामिर कराकर जहां अपने अनूठे प्रेम को अमर कर दिया वहीं गाजीपुर के एक मामूली किसान ने अपनी पत्नी की याद में भव्य मंदिर बना डाला है। जी हां, गाजीपुर के इस शाहजहां ने