रवींद्र रंजन की पुस्तक ‘द ग्रेट मीडिया स‌र्कस’ के कुछ रोचक अंश

"तमाशा स‌र्कस के पुराने चीफ की वापसी होने वाली है। वापसी का ऎलान हो चुका है। स‌र्कस के स‌भी छोटे-बड़े कलाकारों को इत्तिला कर दिया गया है। इस खबर स‌े स‌र्कस में मिला-जुला माहौल है। स‌र्कस के पुराने कलाकार खुश हैं। उन्हें इस चीफ की आदत पड़ चुकी है। जब तक चीफ की डांट नहीं खाते पेट ही नहीं भरता। चीफ की डांट खाने के बाद ही वह अच्छा खेल दिखा पाते हैं। लिहाजा उनका खुश होना लाजिमी है। चीफ की इस 'वाइल्ड कार्ड एंट्री' स‌े कुछ कलाकार परेशान भी हैं। ये वो कलाकार हैं, जिनके हाथ-पैर चीफ का नाम स‌ुनते ही कांपने लगते हैं। वह ये स‌ोचकर परेशान हैं कि अब पुराना वाला चीफ हर वक्त रिंग में होगा। जब-तब हंटर फटकारेगा। स‌र्कस में खौफ का माहौल बनाएगा। "