विभूति नारायण राय के नेतृत्व का बेशर्म और घोटालेबाज ‘हिंदी समय’ : सीएजी रिपोर्टों की चेतावनी

'हिंदी समय' को गढ़ने की जिद्द एक ऐसे 'पुलिसिया साहित्यकार' के द्वारा की जा रही है, जो अपनी 'अतृप्त वासनाओं' के साथ हिंदी की सत्ता पर आसीन होना चाहता है, अपनी कुंठाओं से हिंदी भाषा साहित्य और शिक्षा जगत को हांकना चाहता है। फरवरी में हिंदी विश्वविद्यालय में दूसरी बार 'हिंदी समय' का आयोजन हो रहा है, पहली बार तब हुआ था, जब इसके पुलिसिया कुलपति सत्ता पर आसीन हुए थे और दूसरी बार तब जब वह अपना कार्यकाल पूरा कर वहां से विदा होने जा रहे हैं और उनकी गिद्ध दृष्टि किसी दूसरे हिंदी संस्थान पर बनी है।