वाराणसी : कैंट थानान्तर्गत टैगोर टाउन अर्दली बाजार में क्लीनिक चलाने वाले चिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश सिंह के यहां लिंग परीक्षण का स्टिंग आपरेशन कर पांच लाख रुपयों की मांग करने वाले फर्जी पत्रकारों संग पांच अन्य लोगों के खिलाफ भी कैंट थाने में मुकदमा कायम किया गया था। इसमें शक के दायरे में आ रहे पत्रकार शशि मौर्या को कुछ इलेक्ट्रोनिक मीडियाकर्मियों के कहने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
शशि खुद भी राष्ट्रीय चैनल का वाराणसी में संवाददाता है। जब डॉक्टर ओपी सिंह को बुला कर पुलिस ने पहचान करने को कहा तो डॉक्टर ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया तथा कहा कि शशि ने उनसे कोई रंगदारी नही मांगी तथा ये उन पत्रकारों में शामिल नहीं था। इसके बाद देर शाम शशि मौर्या को पुलिस ने छोड़ दिया। 31 मार्च को वाराणसी में शिवपाल के आगमन पर एक प्रेस वार्ता में शशि कवरेज के लिए आया हुआ था। इस पर इलेक्ट्रोनिक मीडियाकर्मि राजू श्रीवास्तव, पुरुषोत्तम चतुर्वेदी और क्लाऊन टाईम्स पत्रिका के संपादक अशोक मिश्र ने वाराणसी के पुलिस कप्तान को फ़ोन करके इसकी सुचना दी थी तथा कहा था कि डाक्टर से रंगदारी मांगने के प्रकरण में शशि का हाथ है।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों एक युवती डॉक्टर ओपी सिंह के यहाँ भ्रूण का लिंग परीक्षण करवाने पहुंची। डाक्टर ओपी सिंह का खुद मानना है कि उन्होंने लिंग परीक्षण कर दिया था। जब परीक्षण में कुछ नतीजा नहीं निकला तो डॉक्टर ने उसे परीक्षण का परचा डांट कर दे दिया था। डाक्टर के अनुसार ठीक उसके अगले ही दिन कुछ लोग डॉक्टर के यहाँ पहुंचे और खुद को मीडियाकर्मी बता कर और लिंग परिक्षण का परचा दिखा डॉक्टर से 5 लाख रुपये की मांग करने लगे थे और धमकी भी दे दिया की ऐसा नही करने पर उनके इस परीक्षण को अपने अखबार में तथा न्यूज़ चैनल पर प्रकशित कर देंगे।
डॉक्टर का कहना था कि उन्होंने 2 दिन की मोहलत मांगी। तब कथित पत्रकार चले गए। तब उन्होंने आइऍमए को इसकी सूचना दी थी। इसके बाद आइएमए के एक प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस कप्तान से मिल कर इस पर कार्यवाही करने की मांग की थी जिस पर पुलिस ने सतर्कता से कार्य करते हुए 2 फर्जी पत्रकारों के ऊपर मुकदमा दर्ज किया है जिसमे प्रवीण व अनुज को नामजद करते हुए बाकी 6 अज्ञात के नाम से मुकदमा दर्ज किया था।
शशि मौर्य के ऊपर रंगदारी का आरोप लगाने वाले अशोक मिश्र जो एक मासिक पत्रिका के संपादक है, के ऊपर शहर के विभिन्न थानों में रंगदारी, जान से मारने धमकी देने, जमीन कब्ज़ा करने का मामला दर्ज है. अशोक मिश्र सबसे ज्यादा चर्चा में तब आये जब उसके ऊपर लक्सा थाना क्षेत्र में रहने वाले बंगाली पिता ने तत्कालीन एसएसपी नवनीत सिकेरा को प्रार्थना पत्र देते हुए आरोप लगाया कि अशोक मिश्र उसकी लड़की के ऊपर तेजाब फेकने तथा परिवार सहित जान से मारने की धमकी देकर उसके लड़की से शारीरिक सम्बन्ध स्थापित करने का दबाव बना रहा है।
बंगाली बुजुर्ग पिता के प्रार्थना पत्र पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने मुक़दमा पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायलय में दाखिल किया था. लेकिन रहस्यमय ढंग से बंगाली परिवार के गायब हो जाने के बाद न्यायालय ने अशोक मिश्र को बरी कर दिया। समय समय पर अपने कारनामों के लिए अशोक मिश्र शहर में चर्चित रहते हैं। पुरषोत्तम चतुर्वेदी का खुद शहर में कई ऑटो चलता है जिसके सकुशलपूर्वक चलाने के लिए माईक आईडी थामे घूमते हैं। जिस चैनल का खुद को प्रतिनिधि बताते हैं वो चैनल सिर्फ दिल्ली तक में अपने को समेटा हुआ है। यूपी का आपरेशन एक साल से बंद किये हुए है। रही बात राजू श्रीवास्तव की तो वो गोयनका कांड के लिए जाने जाते हैं।
बनारस से आर. मिश्रा द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





