नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गंभीर अपराधों में सजा पा चुके नौ दोषियों की दया याचिका पर अपना फैसला दे दिया है. गृह मंत्रालय की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने कुल नौ दोषियों में से सात की फांसी की सजा बरकरार रखी है, जबकि दो की सजा उम्रकैद में बदल दी है. लेकिन शर्त ये है कि दोषियों को पूरी जिंदगी जेल में ही बितानी होगी.
गौरतलब है कि प्रणब मुखर्जी ने ही मुंबई हमले के दोषी कसाब और संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की दया याचिकाएं खारिज करते हुए मौत की सजा बरकरार रखी थी. दोनों को फांसी दी जा चुकी है. अब कोई भी दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित नहीं है. प्रणब से पहले राष्ट्रपति रहते हुए प्रतिभा पाटिल ने 2007 से 2012 के बीच 35 दोषियों की सजा-ए-मौत को उम्रकैद में बदल दिया था. तीन याचिकाएं उन्होंने रद्द की थी.





