Dilnawaz Pasha : लोग मुझे आ आमदी पार्टी का प्रवक्ता, पेड इंटरनेट एजेंट, झुका हुआ पत्रकार, बिका हुआ पत्रकार और न जाने क्या-क्या कह रहे हैं… देश और दुनिया में इतना कुछ घटित हो रहा है, लेकिन फिर भी रह-रहकर अनशन पर बैठे अरविंद केजरीवाल की सेहत का ख्याल मेरे मन से नहीं निकल रहा… अभी कुछ और लिखना चाह रहा था…लेकिन जहन अरविंद के अनशन की ओर चला गया…आप में से बहुत से लोगों के लिए उनका यह अनशन सुपर फ्लॉप है…कई के लिए नौटंकी तो अन्य के लिए टीआरपी ड्रामा है…
जैसे आप उनके अनशन के बारे में कोई भी राय बनाने के लिए स्वतंत्र हैं वैसे ही मैं भी… तमाम तर्कशीलता के बावजूद मैं इसी नतीजे पर पहुंचा हूं कि अपने मन में ईमानदारी के लिए सम्मान रखने वाले लोगों को अरविंद केजरीवाल का समर्थन करना चाहिए…उनकी पीड़ा और मकसद को समझना चाहिए… मैं जानता हूं कि मैं पत्रकार हूं…मेरा काम तटस्थ रहना है…अपने विचारों के बजाए तथ्य पेश करना है…लेकिन मैं पत्रकार होने से पहले एक ईमानदार व्यक्ति हूं…मैं ईमानदार हूं इसलिए पत्रकार हूं…पत्रकार हूं इसलिए ईमानदार नहीं हू…
और मेरी ईमानदारी मुझे अरविंद केजरीवाल के साथ खड़ा कर देती है…और अंत में एक बात और…आप कुछ भी करिए…कुछ भी कहिए…कम से कम फेसबुक पर मैं वही लिखूंगा जो मेरा दिल कहेगा.. मैं फेसबुक पर हमेशा दिल से लिखता रहा हूं…और लिखता रहूंगा… आप मेरे पत्रकार होने का हवाला देकर, मुझे बिकाऊ या झुकाऊ कहकर, आम आदमी पार्टी का प्रवक्ता कहकर वह लिखने या कहने से नहीं रोक पाएंगे जो मेरा दिल सोचता है…इसलिए आप सब लोगों से माफी के साथ…मैं अपने विचार अभिव्यक्त करता रहूंगा… और आपके पास मुझे ब्लॉक करने का ऑप्शन हमेशा मौजूद है…और मार्क जुकरबर्हेग की कृपा से रहेगा भी…
भास्कर के पत्रकार दिलनवाज पाशा के फेसबुक वॉल से.
Mayank Saxena : मोदी भक्तों के लिए अरविंद केजरीवाल का अनशन ड्रामा है…अच्छा सर्वज्ञानी मोदी भक्तों ये बताइए कि सद्भावना उपवास क्या था, ड्रामा, प्रहसन, नौटंकी या मज़ाक… (फिलहाल केजरीवाल के पक्ष में, बाद में देखा जाएगा…मुद्दा ज़रूरी है…)
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बड़े टीवी चैनल अम्बानी और टाटा के दबाव में केजरीवाल की ख़बर नहीं दिखाते हैं, तो छोटे चैनल इसलिए क्योंकि बड़े चैनल नहीं चला रहे हैं…
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फिलहाल केजरीवाल के साथ…(बिना किसी लाभ और विचारधारा को ध्यान में रखते हुए…कांग्रेस-बीजेपी दोनों के खिलाफ़ जाते हुए…मुद्दे पर समर्थन देते हुए…)
समाचार प्लस चैनल में कार्यरत मयंक सक्सेना के फेसबुक वॉल से.





