मुंबई : आप को बता दें कि नवभारत में कार्यरत सुधीर शर्मा पिछले कुछ दिनों से नवी मुंबई के कुछ लोकल मराठी अखबारों में विज्ञापन देकर "मीडिया इंटेलीजेंस नेटवर्क" का पहचान पत्र बेचना शुरू कर दिया है। इस विज्ञापन में लिखा गया है कि आप मीडिया पुलिस बनकर अपना फर्ज निभाइए। इस विज्ञापन में संपर्क के लिए जो हॉट लाइन नम्बर दिया गया है, उस के शुरुआत में जो नंबर लिखा गया है ९८९२३७२२५८ यह नम्बर सुधीर शर्मा का ही है। इस की जानकारी नवभारत के व्यवस्थापक को होने के बावजूद खुलेआम यह अवैध व्यवसाय शुरू है।
इतना ही नहीं मंगलवार और बुधवार को मुंबई से प्रकाशित होने वाले नवभारत के नवी मुंबई सप्लीमेंट में शिव साईं संस्था की खबर दो दिनों से प्रकाशित किया जा रहा है। जिस में बुधवार को नवभारत के पत्रकार सुधीर शर्मा को पत्रकारिता में योगदान के लिए पत्रकारिता रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके बाद से नवभारत में कार्यरत पत्रकारों और नवी मुंबई के अन्य अखबारों के पत्रकारों द्वारा आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है कि पत्रकारिता अब सिर्फ दलाली तक ही सीमित है क्या?

क्यों कि नवभारत में कार्यरत रजित यादव और ओमप्रकाश ढोर पिछले १० वर्षों से नवी मुंबई में पत्रकारिता कर रहे हैं। नवी मुंबई के विकास में शुरुआती दौर से ही राजित यादव और ओमप्रकाश ढोर का योगदान रहा है, लेकिन लगभग ३ वर्ष पहले तक रियल स्टेट दलाली करते हुए पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले सुधीर शर्मा एक लोकल केबल चैनल से काम की शुरुवात करते हुए पत्रकार का कार्ड बनाकर बेचना शुरू किया। इस के माध्यम से नवी मुंबई में संपर्क बनाकर दलाली करते हुए पिछले वर्ष नवभारत में लग गया है। सुधीर शर्मा के नवभारत में लगाने के साथ ही नवभारत में पहले से कार्यरत पत्रकारों में नाराजगी फ़ैल गयी थी। इस के बावजूद नवभारत के व्यवस्थापक बिजनेस के लालच में सुधीर शर्मा को रख लिए हैं।
सन्नी कुमार पांडेय






