''उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती और उनके रिश्तेदार भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. वह नोएडा में भू आवंटन के जरिए मिले धन को छिपाने के लिए 100 से अधिक कंपनियों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसी 125 से अधिक कंपनियों का पता लगा है जो मायावती के ‘मित्रों और परिजनों’ से जुड़ी हैं. इन कंपनियों का उपयोग घोटालों और नोएडा में भू आवंटन से मिले धन को छिपाने और जमा करने के लिए हो रहा है. यूपी में घोटाले के पैसे मायावती के भाई आनंद कुमार की फर्जी कंपनियों में लगे हैं. जल्द ही खुलासा किया जाएगा जिससे ये साबित हो जाएगा कि घोटाले का आंकड़ा सात से आठ हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा.''
उपरोक्त आरोप लगाया भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र और किरीट सोमैया ने. इन दोनों ने पिछले दिनों प्रेस कांफ्रेंस के जरिए ये सनसनीखेज आरोप लगाए. भाजपा नेताओं का कहना है कि सुबूतों के बावजूद कांग्रेस इस मामले में मायावती का बचाव कर रही है. सोमैया ने कहा, ‘वास्तव में कांग्रेस और मायावती दोनों एक दूसरे के घोटालों में एक दूसरे का बचाव कर रहे हैं. केन्द्र सरकार के पास इन मामलों में दस्तावेजी सुबूत हैं और उनके आधार पर उसे मायावती के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन इसके खिलाफ वह उनका बचाव करने में लगी है. उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की ओर से नोएडा प्राधिकरण को लिखा एक पत्र इस बात का साक्ष्य है कि केन्द्र को मायावती की इन कारगुजारियों का पता है.
किरीट सोमैया ने मायावती के जिस भाई आनंद कुमार और उनकी पत्नी विचित्रा के नाम 26 बेनामी कंपनियों का जिक्र किया है, उनके बारे में लोगों को कुछ खास पता नहीं हैं. बहुत लोगों ने उनका नाम तक भी नहीं सुना है. मायावती के भाई आनंद कुमार के बारे में ही किरीट ने दावा किया है वो अपनी फर्जी कंपनी के जरिए मायावती की काली कमाई को छुपाते हैं या फिर उसको काला से सफेद बनाने का काम करते हैं. मायावती अपने छोटे भाई और बहन को कभी भी किसी राजनीतिक समारोह में नहीं लाती. पहली बार साल 2007 में कांशीराम की बरसी के मौके पर मायावती ने अपने भाई को मीडिया के सामने जगह दी.
अब तक मायावती ने अपनी पार्टी बीएसपी में आनंद कुमार को कोई पद नहीं दिया है, लेकिन अंदर की खबर यही है कि आनंद कुमार बीएसपी में किसी पद के मोहताज नही हैं. पार्टी से लेकर सरकार तक में उनकी बात काटने की कूवत किसी में नहीं हैं. बीएसपी सूत्रों के मुताबिक मायावती अपने भाई आनंद कुमार और भाभी विचित्रलेखा पर बहुत भरोसा करती हैं. खुद मायावती ने एक बार कहा था कि जब उनकी तबियत काफी खराब हो गई थी तो उनके छोटे भाई आनंद कुमार ने ही उनकी सेवा की थी. कुछ दिनों पहले सीबीआई भी आनंद कुमार पर मेहरबान हुई थी तब मायावती ने सीबीआई पर आरोप लगाया था कि वो उनके भाई को बेवजह परेशान कर रही है. ((देखें वीडियो- माया पर आरोप))





