गुडगांव। नवभारत टाइम्स में भी खबर रोकने का चलन शुरू हो गया है। हालांकि ऐसा शायद पहली बार हुआ है जब एनबीटी में खबर रोकी गई। मामला था निगम के सीनियर डिप्टी मेयर की उस बिल्डिंग का, जिसे पिछले वर्ष अवैध होने के कारण तोड़ दिया गया था। इस मामले को पिछले वर्ष एनबीटी ने खूब छापा था। लेकिन इस बार एनबीटी के रिपोर्टर ने खबर तो डेस्क पर भेजी लेकिन जिस मामले को एनबीटी ने काफी उछाला था उसी मामले से संबंधित खबर को रोक दिया गया।
हालांकि इस खबर को अन्य समाचार पत्रों में अहमियत मिली लेकिन एनबीटी में जगह नहीं मिल पाई। यह बात गुडगांव में खूब चर्चा का विषय बन रही है कि आखिर खबर को किस के कहने पर रोका गया और आखिर सेटिंग हुई तो किससे हुई? (कानाफूसी)





