: कानाफूसी : पुलिस पर जमा रही हैं धौंस : दैनिक भास्कर जम्मू की ब्रांच मैनेजर करिश्मा मनी इन दिनों प्रेस की धौंस जमाने में लगी हुई हैं। वह अपने चाचा मदन लाल के मकान पर कब्जा जमाए हुई हैं और उसे किसी भी कीमत पर छोडऩे को तैयार नहीं है। इसकी पुलिस शिकायत भी हुई है, लेकिन फिर भी वह मकान को नहीं छोड़ रही है। उनके खिलाफ उसकी चाची सुषमा देवी तथा उनके बेटे अंकू ने पुलिस स्टेशन सिटी में शिकायत करवाई हुई है। जिसमें मारपीट का भी आरोप लगाया गया है।
जानकारी अनुसार मनी इस समय रघुनाथपुरा इलाके में मकान नंबर 129 में रह रही हैं। यह मकान करिश्मा के पिता कुलदीप राज पुत्र मंगा राम को उसके भाई मदन लाल ने काफी साल पहले सिर्फ रहने के लिए दिया था। क्योंकि उस समय मनी के पिता के पास रहने को जगह नहीं थी, जिस कारण भाई मदन ने अपना मकान दिया था। मकान देने के बाद वह कटरा में रहने के लिए चले गए थे। उस समय से मदन लाल अपने परिजनों के साथ कटरा में ही रह रहे थे।
कुछ दिन पहले मदन लाल की पत्नी सुषमा को पता चला कि जो मकान उन्होंने करिश्मा के परिवार को रहने के लिए दिया था, वह उसके फर्जी कागजात बनवाने में लगे हुए हैं। इसका पता लगने के बाद वह करिश्मा के घर आईं तथा आग्रह किया कि मकान को खाली कर दें। उन्होंने कहा कि करिश्मा के पास गांधी नगर में अपना फलैट हो गया है। इसलिए वह मकान को खाली कर दें। लेकिन करिश्मा ने मकान को खाली करने से साफ मना कर दिया। इतना ही नहीं सुषमा तथा उसके बेटे अंकु के साथ हाथापाई तक की।
इसके बाद सुषमा ने इस मामले की जानकारी पुलिस को दी। उनके पास असली कागजात थे। इसलिए उन्होंने रविवार को मकान में अपना सामान रख लिया। लेकिन उनके सामान रखने के बाद करिश्मा ने ववाल कर दिया। उसने सामान को बाहर फेंक दिया। वह पुलिस की मदद लेकर कब्जा करना चाहती थी, लेकिन पुलिस इस मामले में किसी के पक्ष में नहीं है। पुलिस ने करिश्मा को कहा है कि वह इस मामले में कोई मदद नहीं कर सकते है, इसलिए वह कोर्ट से मदद लें। लेकिन करिश्मा कोर्ट में नहीं जा सकती हैं। क्योंकि मकान के असली मालिक उसके परिजन नहीं बल्कि चाचा हैं। इसलिए वह पुलिस पर प्रेस की धौंस जमाकर कब्जा करने में लगी हुई हैं। इस बात को लेकर वह खुद कई अखबारों के कार्यालयों में गईं। सभी को उनके पक्ष में खबर लगाने के लिए कहा गया। ताकि उसका पक्ष मजबूत हो सके। लेकिन किसी अखबार ने खबर नहीं लगाई है। इन दिनों वह कार्यालय में भी नहीं जा रही है। बस मकान पर कब्जा करने के लिए पूरी तरह से जोर लगा रही हैं।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





