Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

लोगों को किताबों से जोड़ने के लिए ‘आमने-सामने’ एक पत्रकार

पटना। शहर के एक ऊर्जावान पत्रकार बीरेन्द्र कुमार यादव ने संपूर्ण क्रांति, सर्वोदय और समाजवाद से जुड़े साहित्य को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए एक खास और दिलचस्प पहल की है। आमने-सामने : एक वैचारिक पहल के नाम से वो एक अभियान चला रहे हैं। यह लोगों में खासा लोकप्रिय भी होता जा रहा है और उनके चलते -फिरते या कहें खुले स्टाल पर रोजाना लोगों की न सिर्फ दिलचस्पी बढ़ रही है, बल्कि यहाँ से किताब खरीदने या उसके प्रति दिलचस्पी रखने वालों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है।

पटना। शहर के एक ऊर्जावान पत्रकार बीरेन्द्र कुमार यादव ने संपूर्ण क्रांति, सर्वोदय और समाजवाद से जुड़े साहित्य को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए एक खास और दिलचस्प पहल की है। आमने-सामने : एक वैचारिक पहल के नाम से वो एक अभियान चला रहे हैं। यह लोगों में खासा लोकप्रिय भी होता जा रहा है और उनके चलते -फिरते या कहें खुले स्टाल पर रोजाना लोगों की न सिर्फ दिलचस्पी बढ़ रही है, बल्कि यहाँ से किताब खरीदने या उसके प्रति दिलचस्पी रखने वालों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है।

यह विशेष पहल यह है कि बीरेन्द्र कुमार रोजाना सुबह पटना के इको पार्क के पास सुबह की सैर को आते हैं और फिर गेट के सामने अपने अभियान के नाम “आमने-सामने : एक वैचारिक पहल” वाला एक छोटा सा बैनर रेलिंग की ग्रिल पर टाँग कर अपने साथ लाये पुस्तकों को वहीं जमीन पर सजा देते हैं। बस शुरू हो जाता है यही से उनका अभियान- लोगों को किताबों से जोड़ने का। यहाँ वे किताबों की बिक्री से कहीं अधिक उनकी प्रदर्शनी और इनके प्रति लोगों में एक नया उत्साह, नयी दिलचस्पी जगाने में लग जाते हैं। वे यहाँ सुबह छह बजे से आठ बजे तक पुस्तकें के साथ लोगों के समक्ष होते हैं।

वे गांधी, विनोबा, जयप्रकाश व लोहिया साहित्य को रखते हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही परिवर्तनवादी व समतावादी पुस्तकों को भी वे रख रहे हैं ताकि सर्वोदय व समाजवाद के विविधि आयामों पर बहस हो। उनकी कोशिश है कि बिहारवासी लेखकों की उन पुस्तकों को भी प्रदर्शित करें, जो समतावादी, परिवर्तनवादी और सम्मानवादी विचारधारा को बढ़ावा देते हों। बीरेन्द्र कुमार ने बताया कि इस अभियान में बिहार सर्वोदय मंडल की अध्यक्ष कल्पना अशोक जी और पटना जिला सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष अशोक मोती जी का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। उन्हीं के मार्गदर्शन में यह प्रयास जारी है। सुबह वे लोग भी लोगों के साथ यूको पार्क के गेट पर उपस्थित रहते हैं और लोगों से वैचारिक विमर्श भी करते हैं। इसके साथ दो स्वयंसेवी संस्था दंडवत व आओ बहिना का भी सहयोग मिल रहा है। इन्हीं चारों संस्थाओं से संयुक्त पहल को कार्यरूप दे रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि आमने-सामने वैचारिक पहल का ख्याल आपको कैसे आया, बीरेन्द्र कुमार कहते हैं कि हमेशा से ही बिहार वैचारिक टकराव, बदलाव और नया गढ़ने को बेताब रहा है। गांधी ने सत्याग्रह की शुरुआत बिहार से की। विनोबा को भूदान में सर्वाधिक जमीन बिहार में मिली। जयप्रकाश ने व्यवस्था परिर्वन का शंखनाद बिहार के किया। लोहिया ने भी अपने समाजवादी विचारधारा की प्रयोग भूमि बिहार को बनाया। और सभी अपने-अपने लक्ष्य की प्राप्ति में सफल रहे। यह इस बात का प्रमाण है कि नये प्रयोग की ऊर्जा बिहार में विद्यमान है। इस ऊर्जा से प्रेरित होकर ही हमने संपूर्ण क्रांति, सर्वोदय और समाजवाद पर केंद्रित बहस की शुरुआत की है। इससे जुड़े साहित्य को आम लोगों तक पहुंचान के लिए यह कोशिश शुरू की है, ताकि सस्ती व लोकप्रिय साहित्य लोगों तक पहुंचा सकें।

बीरेन्द्र जी हालांकि इसे स्टाल या खुला स्टॉल कहने से इनकार करते हैं। उनका कहना है कि इसे स्टॉल कहना उचित नहीं होगा। यह हमारा अभियान है। उन्होंने पटनावासियों से आग्रह किया है कि वे इस वैचारिक पहल को आगे बढ़ाएं। सर्वोदयी और समजावादी विचारों को व्यापक फलक प्रदान करें ताकि यह प्रयास सफल हो सकें। यदि किंही के पास इस कोशिश को व्यापक बनाने वाली सामग्री हो तो उन्हें उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें पुस्तकालयों व संग्रहालयों को पहुंचा सकें। उनका कहना है कि यहाँ पिछले कई दिनों में पुस्तकों के प्रति लोगों की रुचि हमारे लिए काफी प्रेरणादायक रही है।

पटना से लीना की रिपोर्ट. लीना मीडिया मोरचा की संपादक हैं.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...