Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

सुधीर चौधरी की नजर में संपादक की कोई परिभाषा नहीं होती

सुधीर चौधरी. वही सुधीर चौधरी जो ब्लैकमेलिंग के चक्कर में तिहाड़ जेल गए थे. जिनकी ब्लैकमेलिंग वाली सीडी को सारे देश ने देखा. वे सुधीर चौधरी पिछले 20 सालों से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं और कई बड़े मीडिया घरानों के साथ काम कर चुके हैं. ज़ी न्यूज में एक दशक तक रहे, फिर सहारा समय नेशनल गए. इंडिया टीवी के हिस्से बने फिर लाइव इंडिया के साथ जुड़े. इन दिनों फिर जी न्यूज के साथ हैं और एडिटर व बिजनेस हेड की डबल जिम्मेदारी निभा रहे हैं और इसी डबल यानि दो नावों में चलने की महती जिम्मेदारी के कारण वे नवीन जिंदल के हाथों ट्रैप हो गए.

सुधीर चौधरी. वही सुधीर चौधरी जो ब्लैकमेलिंग के चक्कर में तिहाड़ जेल गए थे. जिनकी ब्लैकमेलिंग वाली सीडी को सारे देश ने देखा. वे सुधीर चौधरी पिछले 20 सालों से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं और कई बड़े मीडिया घरानों के साथ काम कर चुके हैं. ज़ी न्यूज में एक दशक तक रहे, फिर सहारा समय नेशनल गए. इंडिया टीवी के हिस्से बने फिर लाइव इंडिया के साथ जुड़े. इन दिनों फिर जी न्यूज के साथ हैं और एडिटर व बिजनेस हेड की डबल जिम्मेदारी निभा रहे हैं और इसी डबल यानि दो नावों में चलने की महती जिम्मेदारी के कारण वे नवीन जिंदल के हाथों ट्रैप हो गए.

(सुधीर चौधरी की ब्लैकमेलिंग वाली सीडी देखने के लिए उपरोक्त तस्वीर पर क्लिक करें)


जी न्यूज-जिंदल विवाद समूचे मीडिया जगत के लिए आंख खोलने वाला रहा और इसने बताया कि कारपोरेट व करप्ट मीडिया में संपादक का रोल क्या हो चुका है. लाबिंग करना और ब्लैकमेलिंग करना संपादक का अब सबसे महत्वपूर्ण काम हो चुका है. इन्हीं सुधीर चौधरी ने एक इंटरव्यू में खुद कहा है कि उनकी नजर में संपादक की कोई परिभाषा नहीं होती. सच भी है. अगर आप संपादक की परिभाषा तय कर देंगे तो आपको उस परिभाषा के इर्दगिर्द काम करना पड़ेगा. परिभाषा तय नहीं करेंगे तो आप धंधा से लेकर, दलाली से लेकर, ब्लैकमेलिंग से लेकर सारे अच्छे बुरे काम कर सकते हैं.

सुधीर चौधरी के हिसाब से संपादक की परिभाषा ये है- ''आपकी नीयत साफ हो, अपनी बात कहने की हिम्मत हो और आपको काम आना चाहिए… ये सभी चीजें मेरे पास है और इस आधार पर मैं खुद को संपादक मानता हूं''.

सुधीर चौधरी के हिसाब से पत्रकार की परिभाषा ये है- ''असली मायने में पत्रकार वह है जिसने शून्य से लेकर 100 तक जिंदगी का हर एक अनुभव देखा हो… उसमें जेल को आप चाहे तो जोड़ सकते हैं… अगर आप पत्रकार को परिभाषा में फिट करके देखना चाहते हैं तो उसके लिए जरूरी है कि उसने जिंदगी का हर रंग और रूप देखा हो… तभी वह फैसले ले पायेगा… तभी वह चीजों को समझ पायेगा….''

अब आप खुद तय करिए कि नए जमाने का संपादक कैसा होगा, पत्रकार कैसा होगा.. और कौन लोग, संपादक व पत्रकार की परिभाषाएं तय करेंगे!!!!

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


संबंधित खबरें- zee jindal

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...