: हरीश करमचंदाणी के काव्य संग्रह ‘समय कैसा भी हो’ का लोकार्पण : जयपुर : वरिष्ठ कवि एवं पत्रकार विष्णु नागर का कहना है कि आज के समय के सच को सहज रूप से और बेहद ईमानदारी के साथ व्यक्त करने वाली कविता ही बड़ी कविता है। वे आज जवाहर कला केंद्र और हिंदी प्रचार प्रसार संस्थान द्वारा सुपरिचित कवि हरीश करमचंदाणी के काव्य संग्रह ‘समय कैसा भी हो’ पर आयोजित लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि जैसी वैश्विक परिस्थितियां बन रही हैं, उनमें साहित्य ही मनुष्य को बचाने का काम कर सकता है। इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कवि विजेंद्र ने कहा कि मानवीय श्रम और जिजीविषा को व्यक्त करने वाले कवि ही काल का अतिक्रमण करते हैं। कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध आलोचक प्रो. मोहन श्रोत्रिय, कवि नंद भारद्वाज और समालोचक राजाराम भादू ने काव्य संग्रह के विविध आयामों पर चर्चा की। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने आरंभ में काव्य संग्रह का लोकार्पण किया और हरीश करमाचंदाणी ने कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम का संचालन प्रेमचंद गांधी ने किया।





