इलाहाबाद। शिक्षा विभाग तो लोगों को शिक्षित बनाकर जिम्मेदार नागरिक बनाने का कार्य करता है। समाज में इनका सम्मान भी होता है। पर विभाग में ऐसे लोग भी घुस आए हैं जो बतौर हवस के पुजारी साबित हो रहे हैं। ताजा मामला इलाहाबाद के यमुनापार इलाके का है। यहां एक महिला टीचर के साथ जो कुछ, जिन परिस्थितियों में हुआ वो किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक तो है ही। इसके अलावा घटना के बाद जिले में बैठे शिक्षा विभाग के आला अफसर और कानून व्यवस्था के जिम्मेदार पुलिस का बयान तो किसी को भी हतप्रभ करने वाला है।
ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसे गैरजिम्मेदार अफसरों के लिए समाज क्या करे। सरकार में बैठे ‘भाग्य विधाताओं’ को तो जैसे कुछ दिख ही नहीं रहा। वे मूंदहु आंख कतहुं कुछ नाहीं सरीखे धृतराष्ट्र की भूमिका में हैं। यमुनापार इलाके के घूरपुर थाना क्षेत्र के जसरा स्थित सरकारी स्कूल में नियुक्त महिला टीचर के चाचा की डेथ हो गई। चाचा की तेरहवीं में शामिल होने वह घर गई थी। तेरहवीं के दिन ही टीचर के पिता की भी डेथ हो गई। दोहरे विपदाओं से घिरी टीचर को छुट्टी लेकर कुछ दिन घर पर रहना पड़ा। भुक्तभोगी टीचर का कहना है कि उसने विभाग को औपचारिक जानकारी दिया था।
भुक्तभोगी का कहना है कि छह अप्रैल को जब वह ड्यूटी ज्वाइन करने स्कूल पहुंची तो उसे हेडमास्टर ने बताया कि ज्वाइन करने के पहले वो एबीएसए से मिल लें। भुक्तभोगी टीचर की शिकायत है कि एबीएसए ने उसे ऑफिस में अपने पास बुलाकर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। उसके कड़ा विरोध करने पर भी वे नहीं माने और छेड़खानी पर उतारू हो गए। बार-बार यह कहते रहे कि हमारा सहयोग करो, सब कुछ ठीक हो जाएगा। किसी तरह टीचर भागकर सीधे अपने घर पहुंची और घर वालों को एबीएसए की नीच हरकत के बारे में जानकारी दी। घर वालों ने टीचर को साथ लेकर घूरपुर थाने पहुंचे और घटना की तहरीर दी। पुलिस ने अपनी परंपरागत कार्यशैली का उपयोग करते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस मामले में समझौता करने का दबाव डाल रही है।
बोले जिम्मेदार –
1- ‘‘टीचर ऑफिस में आकर बकाया वेतन का दबाव डाल रही थी। मैंने डांटा तो मेरे कमरे से रोते हुए बाहर चली गई।’’ – सुशील चंद्र सिंह, एबीएसए
2- ‘‘दोनों पक्षों में बातचीत चल रही है। समझौता नहीं हुआ तब छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।’’ – एसपी राय, एसओ घूरपुर
3- ‘‘ क्या ऐसा कुछ हुआ है, मुझे तो घटना के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।’’ पीके शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी
इलाहाबाद से शिवाशंकर पांडेय की रिपोर्ट.





