लखनऊ : प्रदेश में गिरते कानून व्यवस्था और सरकार की होती किरकिरी की गाज यूपी के डीजीपीए एसी शर्मा पर गिरी है। उन्होंने अपराध ना रोक पाने की कीमत चुकानी पड़ी है। शुक्रवार की शाम प्रदेश सरकार ने उन्हें हटा दिया और उनकी जगह पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के चेयरमैन देवराज नागर को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। शर्मा को पीएसी का महानिदेशक बना दिया गया है। करीब एक साल तक सूबे के पुलिस महानिदेशक के पद पर रहे एसी शर्मा के कार्यकाल में पुलिस के साथ सरकार की कई बार किरकिरी हुई।
फैजाबाद उपद्रव के समय खुद शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने जो आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे, पुलिस ने उसका अनुपालन नहीं किया। सूबे में 27 सांप्रदायिक दंगे हुए और कई बार पुलिस पर भीड़ आक्रामक हुई। नोएडा जैसे औद्योगिक इलाके में कर्मचारियों के आंदोलन में हुए उपद्रव से भी राज्य सरकार की फजीहत हुई। प्रतापगढ़ जिले के बलीपुर में सीओ कुंडा की हत्या ने पुलिस पर ही सवाल खड़ा कर दिया था। इसके बाद से ही कयास लगाया जा रहा था कि डीजीपी की विदाई तय है। आखिरकार सरकार ने उनको हटा ही दिया।





