समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि उन्हें मारने के लिए दो मंत्रियों ने 30-30 लाख की सुपारी दी थी। उन्होंने कहा जनता ने अपनी शक्ति का अहसास पिछले आंदोलनों में सरकार को करा दिया है। अब वह चाहकर भी उसकी अनदेखी नहीं कर सकती। सरकार और संसद के ऊपर जनता होती है। लेकिन सरकार यह मानने को तैयार नहीं है, इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। सेवी अन्ना हजारे ने शुक्रवार को धौलाना और पिलखुवा से केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।
उन्होंने ने कहा कि सितंबर में फिर देश एक और बड़े आंदोलन का गवाह बनेगा। अन्ना हजारे अपनी जनतंत्र यात्रा के तहत इन दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हैं। उनके साथ पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह भी थे।






