: पुलिस व प्रशासनिक हर महकमे में मनमानी चरम पर : कार्यालयों में धूल फांक रही हैं लोगों की हजारों शिकायतें : गाजीपुर। जिले भर में केन्द्र व प्रदेश सरकार के निर्देश पर तकरीबन 4 दर्जन योजनाएं चलायी जा रही हैं लेकिन आला कमान के फरमानों की हवाई उड़ रही है। किसी विभाग की ओर से योजनाओं का लाभ आम लोगों को दिलाने के लिए प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। कई विभागों के अधिकारी तो दोपहर तक अपने कार्यालयों में भी नहीं पहुंच रहे हैं। एक तरफ प्रदेश सरकार ने यहॉ के दो विधायकों को मंत्री बना रखा है ताकि विकास सुनिश्चित हो जबकि हाकिम मंत्रियों की ही गणेश परिक्रमा में समय जाया करने के आदी हो गये हैं।
केन्द्र सरकार के निर्देश पर जिले भर में चल रही मनरेगा योजना कितनी साफ-पाक है यह किसी से छुपा नहीं है। हालत यह है कि खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय से लगायत एस0डी0एम0, तहसीलदार, सीडीओ, एडीएम, पंचायत राज अधिकारी यहॉ तक कि जिलाधिकारी कार्यालय में भी तीन महीनों में नरेगा से जूड़ी तकरीबन 5000 शिकायतें/शिकायती प्रपत्र धूल फॉक रहे हैं। सैकड़ों बुजुर्ग आये दिन अपनी पेंशन को लेकर समाज कल्याण विभाग के ईर्दगिर्द घुमते रहते हैं। विधवा पेंशन का मामला हो या विकलांग पेंशन का। छात्रों की छात्रवृत्ति का मामला हो या किसानों की बीज व उर्वरक की खरीद का मामला हर जगह पुराने हालात बने हैं। बेसिक शिक्षा विभाग, ऑगनबाड़ी, सभी विभाग मौज काट रहे हैं। जिला पंचायत व लोक निर्माण विभाग की ओर से सूबे में सरकार बनने के बाद कई टेण्डर पड़े, करोड़ों के काम ठेकेदारों के हवाले हो गया।
जिले भर के गॉवों की सफाई के लिए तैनात सफाई कर्मी गधे की सींग की तरह लापता हैं लेखपालों की कारस्तानी से तकरीबन 32 हजार मुकदमें कानूनी काकस में फॅसकर अदालतों की आलमारियों में डम्प पड़े हैं। शिक्षा माफिया परीक्षा नजदीक देख नकल महोत्सव मनाने के लिए अपनी पुरजोर तैयारी में लगे हुए हैं। तकरीबन 7 महीने के ऑकड़े को देखने पर ऐसा नहीं लगता कि जिले की किसी भी विभाग में किसी मुद्दे पर विकास की नई रेखा खींचने में कामयाबी पाया हो। जिले में शासन के निर्देश पर खोली गयी सैकड़ों भॉग की दुकानों पर खुलेआम गॉजा बिक रहा हैं। लम्बे समय से जिला पुलिस के हाथ कोई नया हीरोईन तस्कर भी नहीं लगा। लूट के दो दर्जन मामले सैकड़ों चोरियॉ किसी भी मामले पर सरगर्मी नहीं है। जबकि जनपद के चार सपा विधायक व दो मंत्री सपा सांसद, विधान परिषद सदस्य जनता को लगातार महसूस कराने में लगे हैं कि परिवर्तन हो रहा है।
हठधर्मिता व मनमानी का आलम यह है कि जिले में सिंचाई के लिए मौजूद आधा दर्जन बड़ी नहरों की मिट्टी जे0सी0बी0 मशीनों से निकलवाकर बन्धों पर छोड़ दी गयी है और चर्चा तो यह भी है कि नहरों की सफाई, टेल व बन्धों के निर्माण के मद में लाखों का वारा-न्यारा हो चुका है, जबकि इन नहरों के सपोर्ट मार्गों से गुजरने वाले लोग पैदल जाने के लिए मजबूर हैं। कुल मिलाकर सत्ता पक्ष के लोग तमाम फरमान यहॉ के अफसरों को सुनाते जा रहे हैं जबकि अकसर व्यवस्था में लगे मातहत जी हजूरी के अलावा और किसी चीज में विश्वास नहीं रखते।
गाजीपुर से पत्रकार राकेश पांडेय की रिपोर्ट.





