जयपुर से खबर है कि राजस्थान पत्रिका को अपने जयपुर सिटी के लाइफ स्टाइल न्यूज़ सप्लीमेंट "जस्ट जयपुर" के स्वामित्व व प्रकाशन संबंधी विवाद के चलते "जस्ट जयपुर" का प्रकाशन बंद करना पड़ा। वर्ष 2011 में राजस्थान पत्रिका प्राइवेट लिमिटेड ने अपर जिला एवं न्यायाधीश न्यायालय, क्रम-पांच (जयपुर महानगर) के यहां "जस्ट जयपुर" टाइटल के उपयोग के लिए बीकानेर निवासी विनय जोशी के खिलाफ अस्थायी निषेधाज्ञा प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
बताया जा रहा है कि राजस्थान पत्रिका को "जस्ट जयपुर" के प्रकाशन के संबंध में कोई विधिक अधिकार प्राप्त नही था। रजिस्ट्रार आफ न्यूज़पेपर ऑफ इंडिया (आरएनआई) द्वारा "जस्ट जयपुर" के प्रकाशन संबंध में विनय जोशी को समस्त विधिक अधिकार है। और प्रेस और पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1867 के नियमों को ताक पर रखते हुए राजस्थान पत्रिका "जस्ट जयपुर" का प्रकाशन कर रहा था। सूत्रों से पता चला है कि विनय जोशी ने दो माह पूर्व जिला मजिस्ट्रेट, बीकानेर के ज़रिए आरएनआई, नई दिल्ली को राजस्थान पत्रिका को "जस्ट जयपुर" के प्रकाशन बंद करने के लिए परिवाद पेश किया था। परिवाद में "जस्ट जयपुर" के प्रकाशन बंद करने के लिए राजस्थान पत्रिका को नोटिस देने की प्रार्थना की गयी थी।
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"जस्ट जयपुर" प्रकाशन विवाद : राजस्थान पत्रिका का अस्थायी निषेधाज्ञा प्रार्थना पत्र खारिज






