खबरों से इतर अपनी कारगुजारियों के चलते अक्सर विवादित चर्चा में रहने वाला पॉजिटिव मीडिया ग्रुप एक बार फिर से खबरों में है. इस बार भी चर्चा पॉजिटिव की बजाय निगेटिव ही है. खबर है कि पॉजिटिव ग्रुप ने अपने दो चैनलों फोकस और हमार टीवी का यूपी ब्यूरोचीफ सीपी सिंह उर्फ चंद्रपाल सिंह को बनाया है. ये वो सीपी सिंह उर्फ चंद्रपाल सिंह हैं, जो कभी कमिश्नर रह चुके हैं, पर असली नहीं फर्जी. 2004 में इस कमिश्नर को रायबरेली में पुलिस ने गिरफ्तार किया था.
सीपी सिंह अपनी कार पर लाल बत्ती और नीली बत्ती लगाने के मामले में भी जेल जा चुके हैं. इन पर गैंगेस्टर भी लग चुका है. इन पर आरोप है कि इन्होंने धोखा देकर रायबरेली की एक युवती से शादी किया तथा उसका जमीन जायदाद भी बेच डाला. इस मामले में भी केस चल रहा है. अब यही सीपी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके मतंग सिंह के चैनल हमार टीवी और फोकस टीवी के यूपी के ब्यूरोचीफ हैं. हालांकि इन्होंने फ्रेंचायजी ली है, पर हमार टीवी के अंदरुनी वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि इन्होंने फ्रेंचायजी नहीं ली है बल्कि इन्हें यूपी का ब्यूरोचीफ बनाया गया है और ये पूरे यूपी की जिम्मेदारी संभालेंगे.
बताया जा रहा है कि सीपी सिंह हमार टीवी और फोकस टीवी के लिए यूपी में नियुक्तियां भी कर रहे हैं और जिस भी स्ट्रिंगर को भर्ती कर रहे हैं उसे सेलरी देने का वादा भी कर रहे हैं. बस शर्त यह रख रहे हैं कि उसे अपने जिले में हमार टीवी और फोकस टीवी चलवाना होगा, इसके लिए वो या प्रबंधन कोई रकम नहीं देगा. आरोप है कि चैनल में पैसा लेकर लड़कियों की भर्ती भी इसके द्वारा की जा रही है. हालांकि वैसे भी लड़कियों की सर्वाधिक भर्ती के मामले में फोकस टीवी का रिकार्ड भी रहा है. यहां ज्यादातर लड़किया ही भर्ती की जाती हैं पत्रकारिता के लिए. क्योंकि ये चैनल ही महिलाओं के 'बेहतरी' के लिए खोला गया है.
मूल रूप से बरेली के रहने वाले सीपी सिंह के बारे में रायबरेली में पता करने पर एसओजी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि 2004 में इन्हें फर्जी कमिश्नर बनकर घूमने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उस समय के थानेदार अरुण द्विवेदी ने इन्हें गिरफ्तार किया था, जो इनदिनों लखनऊ के ठाकुरगंज थाने में तैनात हैं. वो ये भी बताते हैं कि सीपी सिंह को दो बार अपनी गाड़ी पर नीली और लाल बत्ती लगाकर घूमने के आरोप में भी गिरफ्तार किया जा चुका है. ये जेल भी जा चुके हैं. इन पर गैंगेस्टर भी लगाया जा चुका है. भड़ास जल्द ही इनके बारे में और जानकारी आपको मुहैया कराएगा. सीपी सिंह की नियुक्ति के बाद आसानी से समझा जा सकता है कि यह ग्रुप किस तरह की पत्रकारिता को प्रश्रय दे रहा है.
इस संदर्भ में जब सीपी सिंह ने उनका पक्ष लेने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने सारे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है, एकाध मारपीट के मामले होंगे. और कोई भी मामला दर्ज नहीं है. जब उनसे इसके पहले काम करने के अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह पहला अनुभव है इसके पहले कुछ समय प्रिंट मीडिया में काम कर चुके हैं. इस संदर्भ में जब पॉजिटिव मीडिया की वीपी गार्गी बारदोलोई को फोन मिलाया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.





