लखनऊ में एक ऐसी लड़की है जो पिछले दो महीने से अपने खोये हुए मान सम्मान के लिए उत्तर प्रदेश की भ्रष्ट पुलिस और और भ्रष्ट कानून व्यवस्था से लड़ रही है. दर दर की ठोकरें खाने के बाद कल १२.४.१३ को मेरे ऑफिस आयी और उनकी कहानी सुनने के बाद मैं और मेरे वरिष्ठ पत्रकार मित्र पवन कुमार सिंह जी ने उसको इसाफ दिलाने का निर्णय लिया और इसके बाद जब नाका थाना के एसआई से बात की गई तो उसका एकतरफ़ा रुख देखकर दुःख हुआ.
कहानी ये है कि लड़की अनामिका (नाम बदला हुआ) एक बड़ी दवा कंपनी में एरिया मैनेजर के पद पर थी. उसे अपनी ही कंपनी के एमआर नरेंद्र कुमार त्रिपाठी से प्यार हो गया. दोनों १ जनवरी २०१० से १ दिसंबर २०१२ तक साथ रहे. इस बीच नरेन्द्र लड़की का शारीरिक शोषण करता रहा. उससे पैसे ऐंठ कर अपने नाम जमीन भी खरीदी. इसी बीच मैहर देवी मंदिर में जा कर झूठी शादी भी रचा ली. अनामिका के पैरो तले जमीन ही खिसक गई जब उसे पता चला कि वह दरिंदा मई में किसी और से शादी रचा रहा है. उसने 1090 महिला सेवा हेल्प लाइन पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.
उधर, उस लड़की के पिता लीवर सिरोसिस से जीवन और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं. डॉक्टर ने जवाब दे दिया है. ऐसे में लड़की दोहरी लड़ाई लड़ रही है. एक तो उसकी नौकरी जा चुकी है. पिता मौत से जूझ रहे हैं. यह लड़की अकेले इस भ्रष्ट पुलिस और और भ्रष्ट कानून व्यवस्था से लड़ रही है. वह लड़की पिछले दो दिने से डीआईजी नवनीत सिकेरा जी को फ़ोन मिला रही है लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
हम लोग महिला संगठनों के संपर्क में आ चुके हैं और न्यूज़ चैनेल से बात हो चुकी है. हम लोग ये गुजारिश करते हैं कि हमारे पत्रकार साथी व आम लोग हमारी इस मुहिम का हिस्सा बनें ताकि यह दरिंदा अपने दबंग भाई के साथ मिलकर किसी और लड़की की जिंदगी बर्बाद न कर सके. लड़की ने FIR फरवरी माह में करा दिया है. पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही.
तमन्ना फरीदी
लखनऊ





