दैनिक जागरण के बदायूं कार्यालय में तैनात ब्यूरो चीफ लोकेश प्रताप सिंह के दुर्व्यवहार से तंग आकर छायाकार कुलदीप शर्मा, कंप्यूटर आपरेटर दिनेश यादव और चपरासी ललित ने जागरण को छोड़ दिया, लेकिन पुलिस की मदद से ब्यूरो चीफ़ ने चपरासी को वापस बुला लिया, जबकि कुलदीप शर्मा ने अमर उजाला ज्वाइन कर लिया है। वहीं कंप्यूटर आपरेटर ने जिला उद्यान कार्यालय में निजी तौर पर काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा अमर उजाला में ब्राह्मणों के साथ बरती जा रही उदारता चर्चा का विषय बनी हुई है।
बदायूं जिले की तहसील बिसौली पर तैनात संवाददाता सुधाकर शर्मा को संस्थान ने तमाम गंभीर शिकायतों के चलते बर्खास्त कर दिया था और उनकी जगह तेजतर्रार अखिलेश पाठक को नियुक्त किया गया था। अखिलेश ने कंप्यूटर के साथ फैक्स मशीन खरीद ली थी, साथ ही काम भी सही तरीके से कर रहे थे, इसी बीच सुधाकर शर्मा की पुनः वापसी कर दी गई। सूत्रों का कहना है कि मुरादाबाद (वर्तमान संभल) जनपद के गाँव पवांसा निवासी शंकराचार्य राजराजेश्वाश्रम का एक मकान चंदौसी में भी हैं, उनसे परिचय निकाल कर सुधाकर ने राजुल माहेश्वरी को फोन कराया था। सूत्रों का कहना है कि राजुल माहेश्वरी शंकराचार्य की बात टालते नहीं है, इसलिए सुधाकर की वापसी हो गई, लेकिन इस सबके चलते अखिलेश पाठक का कई हजार का नुकसान हो गया, वहीं वह सुधाकर शर्मा के सीधे निशाने पर भी आ गए हैं।





