दिव्य संदेश मैग्जीन के बाद अब दृष्टांत मैग्जीन ने लखनऊ के दो पत्रकारों जगदीश नारायण शुक्ला और शरत प्रधान पर गहरी चोट की है. इन्हें ब्लैकमेलर, रंगा सियार, भ्रष्ट जैसे कई विशेषणों से नवाजा गया है. इन दोनों की संपत्ति और भ्रष्टाचार पर लंबी रोशनी फेंकी गई है. मैग्जीन के संपादक अनूप गुप्ता हैं. अनूप कोबरा पोस्ट से भी जुड़े हुए हैं. अनूप दावा करते हैं कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं लिखा है. उनके पास ऐसे ऐसे सबूत हैं कि ये दोनों पत्रकार कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे. उन्होंने चुनौती दी कि अगर मैग्जीन में कुछ भी गलत छपा है तो दोनों पत्रकार कोर्ट जाएं.
मैग्जीन में शरत प्रधान और कमाल खान के बीच दोस्ती का भी उल्लेख किया गया है. कुछ ऐसे प्रमाण दिए गए हैं जिससे साबित होता है कि संपत्ति बनाने के अभियान में एनडीटीवी वाले कमाल खान और शरत प्रधान साथ-साथ चालें चलते हैं. करीब पच्चीस लाख की एक संपत्ति खरीदने में कमाल खान और शरत प्रधान ने साथ-साथ लाख रुपये से ज्यादा के स्टांप खरीदे हैं और स्टांप पेपर पर दस्तखत किए हैं. मैग्जीन की कवर स्टोरी का कंटेंट भड़ास के लिए मंगाया जा रहा है. फिलहाल आप मैग्जीन के कुछ पन्नों पर गौर फरमाएं.





मैग्जीन के संपादक अनूप गुप्ता से निवेदन है कि वे अपने मैग्जीन की कवर स्टोरी को यथाशीघ्र भड़ास के पास भेजें ताकि भड़ास के पाठक इन पत्रकारों के बारे में एक एक शब्द पढ़ सकें.





