अहमदाबाद। गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार नरोडा पाटिया जनसंहार केस में दोषी अपनी पूर्व मंत्री माया कोडनानी और पूर्व वीएचपी नेता बाबू बजरंगी समेत 10 दोषियों को फांसी देने की अपील करने जा रही है। सरकार के पास स्पेशल कोर्ट के फैसले के इन दोनों को दी गई सजा के खिलाफ अपील करने के लिए तीन महीने का समय है। गौरतलब है कि कोडनानी एक समय मोदी की काफी खासमखास थीं। दंगों के दौरान कत्लेआम में नाम आने के बावजूद 2008 में कोडनानी महिला और बाल विकास मंत्री बनाया गया था।
अगस्त 2012 में अहमदाबाद के स्पेशल कोर्ट ने नरोडा पाटिया नरसंहार में 32 आरोपियों को दोषी करार दिया था, जबकि 29 को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। कोर्ट ने कोडनानी को 28 साल की सजा सुनाई थी। पूर्व वीएचपी नेता बाबू पटेल उर्फ बजरंगी को कोर्ट ने मरने तक जेल की सजा सुनाई थी। कोडनानी और बजरंगी नरोडा गाम दंगा केस में भी आरोपी हैं। इस केस में फैसला आना अभी बाकी है।
मोदी सरकार ने अन्य दोषियों की सजा बढ़वाने का भी मन बना लिया है। इसके लिए वह जल्द ही ऐसे 22 दोषियों की सजा 30 साल करवाने के लिए अपील करेगी, जिन्हें कोर्ट ने 14 साल की सजा सुनाई हुई है। इसके अलावा गुजरात सरकार सबूतों की कमी के आधार पर बरी कर दिए 29 आरोपियों में से 7 को सजा दिलाने के लिए अपील करेगी। मोदी सरकार को इन अपीलों के लिए हाई कोर्ट से परमिशन लेनी होगी। गुजरात हाई कोर्ट में प्रशांत देसाई, अल्पेश और गौरंग व्यास इन अपीलों पर जिरह करेंगे। गौरंग व्यास ने बताया कि 'सरकार के कानूनी विभाग ने अपील करने का फैसला पहले ही ले लिया था।' (एजेंसी)





