अपने फेसबुक प्रोफाइल में कई पूर्व मंत्रियों के साथ की तस्वीर डालकर पहले फेसबुक पर युवतियों को फ्रेंड बनाने और बाद में उनके मैसेज बाक्स में गंदे संदेश भेजने, पीडित युवतियों द्वारा उसे फ्रेंड लिस्ट से हटाने पर उनके मोबाइल पर भद्दे और गंदे संदेश भेजने वाला सचिन मिश्रा के दुर्दिन के दिन आ गए। सचिवालय डीएसपी मनीष कुमार सिंह ने 16 अप्रैल को सचिन मिश्रा को गिरफ्तार करने का आदेश जारी कर दिया।
गौरतलब है कि मेरे द्वारा बनायी गई एक मुहबोली बहन सह फेसबुक फ्रेंड ने जब मुझसे इस बात की शिकायत की तो मैंने सचिन के नंबर पर फोन कर उसे ऐसा करने से मना किया तब भी उसने मुझे ही धमकी देते हुए फोन काट दिया। इसके कुछ दिन बाद उसने मुझे एक मैसेज भेजा जिसमें उसने मेरे चेहरे पर तेजाब फिकवाने की धमकी दी, जिसे मैं किसी सिरफीरे की करतूत समझ अन्यथा नहीं लिया। जब उसने बीते 19 और 20 मार्च की मध्यरात्रि मेरे मोबाइल नंबर 9973030693 पर तीन मैसेज 9334418981 से भेज मुझे गोली से उडा देने की धमकी दी तब इस सिरफीरे को सबक सिखाने के उद्देश्य से मैंने बीते 21 मार्च को गर्दनीबाग थाना में सचिन के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। 9334418981 नंबर से मुझे दी गई धमकी में यह चुनौती दी गई थी कि ‘यह नंबर (9334418981) उसके नाम से नहीं है इसलिए उसका कोई कुछ नहीं बिगाड सकता।’
पुलिस ने जब इस नंबर का सीडीआर और कॉल डिटेल खंगाला तो यह नंबर किसी रेहाना खातून के नाम का निकला पर सचिन मिश्रा के नाम और पते से 21 नवम्बर 2011 को निर्गत एक नंबर 9304107431 के सीडीआर और कॉल डिटेल की जांच की तो पता चला कि सचिन के नाम से निर्गत इस नंबर से रेहाना खातून के नाम से निर्गत नंबर पर अक्सर बात होती रहती है, जिसके आधार पर पुलिस ने इस मामले में सचिन पर 66 आईटी एक्ट सहित कई अजमानतीय धारा में मामला दर्ज किया था। मंगलवार को सचिवालय डीएसपी ने मामले का पर्यवेक्षण करते हुए सचिन की गिरफ्तारी का आदेश निकालते हुए गर्दनीबाग थाना को उसे जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।
पत्रकार विनायक विजेता के एफबी वॉल से साभार.






