शिवराज सिंह ने ठीक किया। विजय शाह को निकाल दिया। नहीं निकालते तो संदेश कुछ और ही जाता। वैसे, भी सीएम की पत्नी के बारे में कोई सपने पाले, उनको साफ साफ कहे कि भैया के साथ तो रोज ही जाती है, कभी देवर के साथ भी जाया करो… तो बवाल तो मचना ही था। पर, लगता है कि बीजेपी वालों की जुबान बिगड़ गई है। मध्य प्रदेश सरकार के आदिवासी कल्याण मंत्री विजय शाह को बिगड़ी जुबान के बाद घर बैठना पड़ा है। अब सब समझ में आ रहा है। माफी मांग रहे हैं। कह रहे हैं कि जुबान फिसल गई थी।
अरे भैया, आपकी जुबान फिसली… इसीलिए तो मंत्री की कुर्सी से भी फिसल गए। पर, अब पछताए क्या होत, जब चिड़िया चुग गई खेत। अच्छे खासे मंत्री थे। अभद्र, अश्लील और इसी किस्म की बक बक करने के चक्कर में सरकार से चलता कर दिया गय़ा। वैसे लगता है कि विजय शाह शाह कोई बहुत सुलझे हुए आदमी नहीं है। मन ही मन रोमांस करने वाले आदमी हैं। ठीक वैसे ही जैसे, ओसामा बिन लादेन था तो दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी, पर सनी लियोन के सेक्सी वीडो देखने का शौकीन था। चुपके चुपके वह सनी लियोन की ब्लू फिल्में देखा करता था। विजय शाह ने अपने ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी के बारे में भी कुछ का कुछ कह दिया। वे भाषण दे रहे थे। और देते देते इतना कुछ कह गए कि मत पूछो। किसी भी सभ्य इंसान के लिए शर्म की बात है।
शाह ने कहा कि एक बार उन्होंने मुख्यमंत्री चौहान की पत्नी से कहा, 'भइया के साथ तो रोज जाती हो, कभी देवर के साथ भी चली जाया करो।' यही नहीं उन्होंने महिलाओं पर अपने भाषण में बहुत 'अश्लील' टिप्पणी की थी। झाबुआ में एक कार्यक्रम में सैकड़ों छात्राएं थी, और बहुत सारी टीचर भी थीं, उनकी मौजूदगी में मंत्री ने खूब अश्लील भाषण दिया था। पहली पहली बार वाले मामले में खूब शरारती लहजे में छात्राओं से मजाक करते हुए अश्लील भाषण किया। कार्यक्रम में शाह ने पहले तो सरकार की आदिवासी तबके के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र किया लेकिन फिर कुछ ही देर बाद मंच पर मौजूद एक नाम की दो महिला नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।
उन्होंने कहा, लगता है कि झाबुआ में एक के साथ एक फ्री मिलता है। शाह यहीं नहीं रुके, उन्होंने शिविर में बैठी लड़कियों की ओर इशारा करते हुए यहां तक कह डाला, 'पहला-पहला जो मामला होता है, वह आदमी भूलता नहीं। फिर बच्चों से सवाल भी किया कि बोलो- भूलता है क्या? फिर यह भी बोले कि … बच्चे समझ गए होंगे।' मंत्री की इस बेवकूफी पर छात्राएं जब हंसने लगी तो ठहाके लगाते हुए मंत्री जी पर उनकी प्रतिक्रिया थी कि बच्चे भी बड़े समझदार हैं। शाह के इस बयान पर कांग्रेस ने हंगामा खड़ा किया था और शाह को बर्खास्त करने की मांग की थी। मंगलवार को पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बयान को गंभीरता से लिया और शाह को तलब किया। बाद में मंगलवार देर रात शाह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उनके बयान को राज्य महिला आयोग ने भी गंभीरता से लिया है।
आयोग की अध्यक्ष उपमा राय का कहना है कि शाह जिस कार्यक्रम में शामिल हुए थे, उसकी सीडी आयोग ने मंगाई है, उसके बाद ही आयोग कोई कदम उठाएगा। शाह के बयान के खिलाफ कांग्रेस की महिला नेताओं ने मंगलवार को प्रदर्शन कर पुतला दहन भी किया। मध्य प्रदेश सरकार की जानकारी के मुताबिक विजय शाह का जन्म एक नवंबर 1962 को हुआ
था। स्व. श्री देवीसिंह के पुत्र कुंवर विजय शाह एम.ए. तक पढ़े लिखे हैं और पेश में किसान होना बताया है। स्वीमिंग, टेकिंग, हार्स राइडिंग, जनकल्याण संबंधी कार्य, पर्यटन एवं भ्रमण में उनकी विशेष रूचि है। लेकिन सीएम की पत्नी पर अश्लील चिप्पणी करने और स्कूली बच्चियों के साथ पहली पहली बार के अनुभव की बात करने के बाद विजय शाह की विशेष रुचि किसमें है, यह सभी को समझ में आ गया है।
लेखक निरंजन परिहार राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार हैं.






