पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में तीन साल पहले हुए जर्मन बेकरी ब्लास्ट के मास्टरमाइंड हिमायत बेग को पुणे की सेशन कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। ये पहला मौका है जब इंडियन मुजाहिदीन के किसी आतंकी को सजा सुनाई गई है। जर्मन बेकरी धमाके में 17 लोगों की मौत हुई थी। पुणे के जर्मन बेकरी बम विस्फोट मामले में मिर्जा हिमायत बेग को अदालत ने दोषी ठहराया है। बेग इस मामले में इकलौता गिरफ्तार दोषी है। बेग को हत्या, हत्या की कोशिश, आपराधिक षड़यंत्र और विस्फोटक पदार्थ कानून जैसे मामलों के तहत दोषी ठहराया गया था।
13 फरवरी 2010 को जर्मन बेकरी बम विस्फोट में 5 विदेशियों समेत 17 लोगों की जान गई थी जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इंडियन मुजाहिद्दीन के आंतकी हिमायत बेग को जिन धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया है। उसके मुताबिक आंतकी बेग को कम से कम आजीवन कारावास की सजा मिल सकती थी। लेकिन 17 परिवार को जिंदगी भर के दर्द में डुबोने वाले इंडियन मुजाहिद्दीन के इस आंतकी को मौत की सजा सुनाई गई।
धमाके के कुछ महीनों बाद ही पुणे के बस स्टैंड से पकड़ा गया हिमायत बेग फिलहाल येरवडा जेल में बंद है। पुलिस ने इस मामले में कतील सिद्दीकी नाम के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया था, लेकिन येरवडा जेल में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दूसरे छह आरोपी फरार हैं, जिसमें बम रखनेवाले रियाज और यासीन भटकल भी शामिल है, बाकी चार जो कि धमाके के सूत्रधार हैं वो भी फरार हैं। (आईबीएन)






