नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने कड़ा कदम उठाते हुए भुगतान नहीं करने पर अपने प्रसारण अधिकार धारक निंबस का अनुबंध रद कर दिया है। बोर्ड ने साथ ही बैंक गारंटी की उसकी दो हजार करोड़ रुपये की राशि भी जब्त ली है। निंबस का अनुबंध समाप्त करने का फैसला सोमवार को बीसीसीआई की कार्य समिति की आपात बैठक में लिया गया। सदस्य भारत की घरेलू सीरीज के मैचों का प्रसारण करार रद करने के फैसले पर सर्वसम्मत थे। निंबस का करार दो साल बाद समाप्त होना था।
कार्यकारी समिति के एक सदस्य ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, सदस्य इस बात पर सर्वसम्मत थे कि जो संस्था नियमित तौर पर भुगतान के मामले में डिफाल्टर रहती है उसके साथ संबंध जारी नहीं रखा जा सकता। संपर्क करने पर निंबस स्पोर्ट्स के मुख्य संचालन अधिकारी यानिक कोलासो ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी फैसले की जानकारी नहीं है। निंबस ने अक्टूबर 2009 को चार साल के लिए बीसीसीआई के साथ 2000 करोड़ रुपये का करार किया था। प्रसारणकर्ता ने कार्यकारी समिति की यहां होने वाली बैठक से पहले सोमवार को 24 करोड़ रुपये का भुगतान किया, लेकिन अब भी उसे 88 करोड़ रुपये का भुगतान करना है।
एक अधिकारी ने कहा, एक भी सीरीज ऐसी नहीं हुई, जिसमें उन्होंने पूरा पैसा समय से दिया हो। एक कारण और भी है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज के साथ भारत की घरेलू अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं भी समाप्त हो गईं। भारत की अगली घरेलू सीरीज से पहले काफी समय है, इसलिए बीसीसीआई के आला अधिकारियों को लगता है कि नया प्रसारणकर्ता ढूंढने के लिए काफी समय है। निंबस का अनुबंध समाप्त होने का मतलब है कि भारत के बाकी बचे घरेलू सत्र का टेलीविजन पर प्रसारण नहीं होगा। साभार : एजेंसी





