: कई कर्मचारियों को नहीं मिली तीन महीने से सेलरी : अखंड हिमाचल से खबर है कि संपादक सुशील कुमार का यहां से जा चुके हैं. उनकी नीतियों से परेशान प्रबंधन ने उनसे किनारा कर लिया है. इसी साल सितम्बर महीने में साप्ताहिक से दैनिक किए गए इस अखबार को लेकर शुरू से ही आर्थिक मुश्किलें आती रही हैं. संपादक की नीतियों के चलते यह अखबार अब बंद होने के कगार पर जा पहुंचा है. ब्यूरो तथा जिलों में काम करने वालों को सेलरी की बजाय विज्ञापन में चालीस प्रतिशत कमीशन देने की नीति बनाई गई थी, पर यह नीति फेल हो गई. कई लोगों ने काम ही छोड़ दिया.
डेस्क पर काम करने वालों को भी तीन महीने से सेलरी नहीं मिली. शिमला ब्यूरो कार्यालय में भी मैनेजमेंट के रवैये से परेशान लोगों ने ताला लगा दिया. हालांकि मैनेजमेंट कर्मचारियों का मान मनौव्वल करके फिर से काम पर लाने की कोशिशों में जुटा हुआ है. पर कर्मचारी वेतन मिलने तक काम करने को तैयार नहीं हैं तथा अदालत का दरवाजा खटखटाने की भी धमकी दे रहे हैं. खबर है कि प्रबंधन से संपादक से किनारा कर लिया है. संपादक सुशील कुमार अखंड हिमाचल से जुड़ने से पहले पंजाब केसरी के ब्यूरोचीफ के रूप में काम कर रहे थे. शिमला में काम कर रहे सूरज ठाकुर समेत किसी को वेतन नहीं मिल पाया है.






