गुवाहाटी : म्यांमार में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा के कमांडर इन चीफ का इंटरव्यू लेने गए सेवेन सिस्टर न्यूज पेपर के पत्रकार राजीब भट्टाचार्य एवं छायाकार प्रदीप बरुआ का अभी तक कोई पता नहीं है. वे पिछले पांच दिसम्बर से ही गायब हैं. हालांकि आसाम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने दोनों के जीवित होने की बात कही है. म्यामांर की तरफ से बताया गया था कि इन पत्रकारों के मोबाइल, कैमरा और लैपटॉप जब्त करने के बाद इन्हें डिपार्ट कर दिया गया है. दोनों पत्रकारों को पिछले रविवार को एक उल्फा नेता के साथ गिरफ्तार किया गया था.
रिहा किए जाने के बाद से राजीब एवं प्रदीप का कोई अता पता नहीं है. उन्होंने अब तक अपने परिवारों से भी कोई संपर्क नहीं किया है. इसको लेकर दोनों पत्रकारों के परिजन परेशान और निराश हैं. असम के पत्रकार इस मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मामले को निपटाने तथा दोनों पत्रकारों का पता लगाने का गुहार लगा चुके हैं, पर अब तक दोनों पत्रकारों का लोकेशन ट्रैस नहीं हो पाया है. मामला संदिग्ध बना हुआ है. उनके जीवित होने या न होने को लेकर भी चर्चाएं शुरू हैं.
इस बीच पत्रकारों से बात करते हुए आसाम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि परेश बरुआ का इंटरव्यू लेने गए दोनों पत्रकार जिंदा हैं. पर मुझे उनके बारे में निश्चित सूचना नहीं मिल पाई है. हम अपनी तरफ से भरसक कोशिश कर रहे हैं कि जल्दी दोनों पत्रकारों का लोकेशन पता करके उन्हें वापस भारत लाया जाए. उन्होंने बताया कि राजीब के पिता एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी हिरण्य भट्टाचार्य ने भी इस संदर्भ में मुझसे बात की है. हम इस मामले में हर संभव कोशिश कर रहे हैं.





