लीजिए पत्रकार अब ऐसी हरकतें भी करने लगे। केंद्रीय कंपनी मामलात राज्यमंत्री सचिन पायलट के कार्यक्रम में लोगों की जेब काट रहे एक युवक को लोगों ने पकड़ लिया। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे कहावत उस समय चरितार्थ हो गई जब पूछताछ में जेबकतरा युवक खुद को पत्रकार बताते हुए पुलिस पर रौब गांठने लग गया। घटना अजमेर की है। सचिन पायलट यहां गेगल स्थित रीको इंडस्ट्रियल एरिया में औद्योगिक विकास समिति के कार्यालय का उद्घाटन करने आए थे।
कार्यक्रम समाप्ति के दौरान भीड़ और अफरा तफरी के माहौल का फायदा उठाते हुए एक युवक को लोगों की जेब तराशने की कोशिश करते लोगों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। जमकर धुनाई के बाद भीड़ ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े जाने पर युवक खुद के पत्रकार होने का रूतबा झाड़ने लग गया। कथित जेबकतरे पत्रकार का नाम राजेश जैन है। वह अहमदाबाद का रहने वाला है और फिलहाल अजमेर के उपखंड ब्यावर के नंदनगर में रह रहा है। पूछताछ के दौरान पत्रकार बताए जाने पर पुलिस ने राजेश जैन से पत्रकार होने का सबूत मांगा जो उस समय वह दे नहीं सका। पुलिस ने उसे गिरफतार कर लिया है। आगे छानबीन जारी है।
भड़ास का सवाल : अगर राजेश जैन सचमुच पत्रकार है तो पत्रकार बिरादरी को दिल पर हाथ रखकर सोचना चाहिए कि ऐसे मामले में क्या किया जाना चाहिए?





