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मौर्य टीवी में ढाई दर्जन की नौकरी गई, यूपी में लांचिंग भी टली

: चैनल के टाइअप को लेकर चर्चाएं : मौर्य टीवी से खबर है कि पिछले एक महीने में लगभग ढाई दर्जन लोगों को बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया है. इसमें एडिटोरियल, एमसीआर, पीसीआर, कैमरा, एडिटिंग सभी सेक्‍शन के लोग शामिल हैं. इस छंटनी के चलते मौर्य टीवी के अंदर हडकम्‍प है. हालांकि इस छंटनी को लेकर अंदरखाने कई तरह की चर्चाएं हैं. कहा जा रहा है कि प्रबंधन ने अपने खर्चे कम करने के लिए छंटनी की है. दूसरी तरफ चैनल के किसी दूसरे चैनल से टाइअप और शेयर को लेकर भी बातचीत होने की भी चर्चा है.

: चैनल के टाइअप को लेकर चर्चाएं : मौर्य टीवी से खबर है कि पिछले एक महीने में लगभग ढाई दर्जन लोगों को बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया है. इसमें एडिटोरियल, एमसीआर, पीसीआर, कैमरा, एडिटिंग सभी सेक्‍शन के लोग शामिल हैं. इस छंटनी के चलते मौर्य टीवी के अंदर हडकम्‍प है. हालांकि इस छंटनी को लेकर अंदरखाने कई तरह की चर्चाएं हैं. कहा जा रहा है कि प्रबंधन ने अपने खर्चे कम करने के लिए छंटनी की है. दूसरी तरफ चैनल के किसी दूसरे चैनल से टाइअप और शेयर को लेकर भी बातचीत होने की भी चर्चा है.

चैनल से पिछले तीन-चार सप्‍ताह के बीच आउटपुट से अशोक शर्मा, विजय झा, राकेश सिंह, नवीन झा, आफताब, राकेश कुमार सिंह, विजय कुमार, मानुषी दीपक एवं रश्मि, इनपुट से नवीन कुमार, वीना, प्रिया एवं मंजरी, एडिट विभाग से अजीत कुमार, रंजन कुमार, जय कुमार, शैलेंद्र कुमार एवं रांची ऑफिस से कुमार आशुतोष, टेक्निकल से रमन कुमार (पीसीआर), अभिषेक (आईटी) एवं मनीष (ग्राफिक्‍स) तथा कैमरा सेक्‍शन से प्रकाश एवं नीरज शामिल हैं. हालांकि छंटनी के शिकार कुछ अन्‍य लोगों के नाम पता नहीं चल पाए हैं. पर संभावना है कि आगे भी कुछ छंटनी हो सकती है. छंटनी के शिकार हुए कर्मचारियों के सामने कई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. इसके बावजूद प्रबंधन लगातार छंटनी का दबाव अन्‍य कर्मचारियों पर भी बनाए हुए है. 

निकाले जाने की आशंकाओं के बीच काम करने वाले पत्रकार एवं टेक्निकल कर्मी पूरी तरह सहमें हुए हैं. खर्च कटौती के तहत किए जा रहे छंटनी के चलते कभी बिहार-झारखंड में नम्‍बर एक पायदान पर रहा चैनल नीचे खिसक गया है. प्रकाश झा के इस ड्रीम प्रोजेक्‍ट को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं. हालांकि अंदर खाने ये भी खबर मिल रही है कि मौर्य टीवी प्रबंधन अपने खर्च में कटौती करके सोनी या ईटीवी से टाइअप की संभावनाएं तलाश रहा है. सूत्र बताते हैं कि कुछ और चैनल भी मौर्य से टाइअप की लाइन में लगे हुए हैं. पर अभी तक कुछ फाइनल नहीं हो पाया है. पर इतनी बड़ी छंटनी होने के बाद मौर्य के कर्मचारी अपने तथा चैनल के भविष्‍य को लेकर सहमे हुए हैं.

टाइअप और कटौती के चक्‍कर में मौर्य टीवी का यूपी प्रोजेक्‍ट भी फिलहाल ठण्‍डे बस्‍ते में डाल दिया गया है. यूपी में चैनल द्वारा नियुक्‍त तमाम रिपोर्टर एवं स्ट्रिंगर दूसरे चैनलों से जुड़ गए हैं. कुछ स्ट्रिंगरों ने बताया कि उन्‍हें मौर्य प्रबधंन ने एक माह का पैसा भी नहीं दिया है. सूत्रों का कहना है कि मौर्य देर सबेर यूपी में चैनल को लांच करेगा, फिलहाल रीजनल चैनल चलाने में आ रही दिक्‍कतों को देखते हुए वो इस प्रोजेक्‍ट को कुछ समय के लिए टाल दिया है. बताया जा रहा है कि प्रकाश झा के फिल्‍म आरक्षण के सुपर हिट न होने का असर भी चैनल पर पड़ा है. रीजनल मार्केट में चैनल का बढि़या आउटपुट होने के बाद भी विज्ञापन का अभाव है.

मार्केट एवं आमदनी अठन्‍नी और खर्चा रुपैया को देखते हुए ही मौर्य टीवी ने न्‍यूज के साथ कुछ मनोरंजक कार्यक्रम भी चैनल पर दिखाने की रणनीति बनाई थी, पर बताया जा रहा है कि इसके बाद भी अपेक्षानुरूप विज्ञापन चैनल को नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते प्रबंधन छंटनी करने की रणनीति पर काम कर रहा है. हालांकि प्रबंधन का कहना है कि छंटनी किसी आर्थिक दिक्‍कत के चलते नहीं बल्कि परफारमेंस के आधार पर किया गया है. ये लोग काफी समय से जुड़े हुए थे परन्‍तु आउटपुट नहीं दे पा रहे थे. हालांकि प्रबंधन ने कुछ और छंटनी की संभावनाओं से इनकार भी किया है. 

छंटनी के संदर्भ में पूछे जाने पर मौर्य टीवी के डाइरेक्‍टर मनीष झा ने कहा कि छंटनी नहीं की गई है, बल्कि जो लोग निकाले गए हैं वो बेहतर फरफारमेंस तथा आउटपुट नहीं दे पा रहे थे, जिसके चलते उनको बाहर किया गया है. उन्‍होंने कहा कि रीजनल चैनल का मार्केट बहुत चैलेंजिग होता है, इस स्थिति में बिना काम के एसेस्‍ट रख पाना संभव नहीं है. उन्‍होंने चैनल के टाइअप के बारे में पूछे जाने पर न तो हामी भरी और ना ही इनकार किया. कहा कि चैनल की बेहतरी के लिए जो भी संभावनाएं होंगी तलाशी जाएंगी. चैनल यूपी में भी फुल फ्लोज के साथ लांच होगा. फिलहाल वहां ब्‍यूरो काम कर रहा है.

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