उत्तर प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री आजम खां के साथ बुधवार को बोस्टन एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने बदसलूकी की। यही नहीं उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में भी लिया गया। करीब एक घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। बोस्टन में लोगान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आजम खान से पूछताछ और जांच किए जाने को गंभीरता से लेते हुए भारतीय दूतावास ने इस मुद्दे को अमेरिकी विदेश विभाग के समक्ष उठाया है।
भारतीय दूतावास के प्रवक्ता एम श्रीधरन ने एक सवाल के जवाब में बताया कि इस मुद्दे को विदेश विभाग के समक्ष उठाया गया है। दरअसल, उनसे पूछा गया था कि क्या बुधवार को बोस्टन हवाईअड्डे पर हुई घटना से दूतावास वाकिफ है। खान उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। भारत से ब्रिटिश एयरवेज की एक उड़ान से यहां पहुंचने पर बोस्टन हवाई अड्डे पर उन्हें पूछताछ के लिए करीब एक घंटे तक रोक लिया गया था।
इसके विरोध में खान ने कुछ समय तक ठहरने के बाद वहां से लौटने का फैसला किया। गौरतलब है कि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ वहां गए थे, जो इलाहाबाद में हाल में संपन्न हुए महाकुंभ मेला पर हॉवर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान देने जा रहे थे। गौरतलब है कि कुंभ मेले के सफल आयोजन पर हार्वर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान देने के लिए 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ आजम खान भी अमेरिका गए हैं। आज देर रात उन्हें व्याख्यान देना है।
आजम के निजी सचिव मुक्तिनाथ झा द्वारा गुरुवार देर रात बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई। आजम ने बताया कि उनके पास डिप्लोमेटिक पासपोर्ट होने के बावजूद लोगान हवाईअड्डे पर अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें अपमानित, शर्मिंदा व परेशान किया। गौरतलब है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक अमेरिका से मुख्यमंत्री सहित आजम व अन्य की 28 अप्रैल की रात वापसी तय थी। लेकिन आजम अमेरिकी अधिकारियों के रवैये से आहत होने की वजह से विरोध स्वरूप अब हार्वर्ड में व्याख्यान के अलावा अन्य कार्यक्रमों में शिरकत नहीं करेंगे और तय कार्यक्रम से पहले स्वदेश लौट आएंगे।





