पश्चिम बंगाल सरकार ने शारदा चिटफंड घोटाले की जांच के लिए रिटायर्ड जज श्यामल सेन की अगुवाई में एक कमीशन बनाया है. यह कमीशन 6 महीने में अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को देगा. जस्टिस श्यामल सेन ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वो वित्त मंत्री पी चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम से भी पूछताछ करेंगे. जस्टिस सेन ने यह भी कहा कि वो CBI से सुदीप्तो सेन की चिट्ठी भी मांगेंगे. एक सदस्यीय जांच कमेटी के गठन के बाद लोगों को आस बंधी है कि सच्चाई सबके सामने आएगी.
दूसरी तरफ टीएमसी पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है. चैनल10 के कर्मचारियों की शिकायत पर टीएमसी के दो सांसदों कुणाल घोष एवं एक अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. माना जा रहा है कि टीएमसी के दो सांसदों को लेकर पार्टी पर काफी दबाव भी ज्यादा हो रहा है. इस बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का कहना है कि उन्हें ममता बनीर्जी से कुछ ज्यादा रिलीफ की उम्मीद थी, 500 करोड़ का फंड काफी नहीं है.
चिटफंड कंपनी घोटाला सामने आने के बाद सैकड़ों निवेशकों का भविष्य अधर में लटकने के बीच पश्चिम बंगाल और असम में जगह-जगह प्रदर्शन हुए जबकि मामले के मुख्य आरोपी सुदीप्त सेन और दो अन्य को कोलकाता की एक अदालत ने 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि कांग्रेस को यह पता लगाना चाहिए कि ऐसा क्या हुआ कि 6 माह के अंदर ही उसके सांसद ने अपना रुख बदल लिया. उधर, चौधरी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस अपनी गलतियों को छुपाने के लिये कांग्रेस को घेरे में लेने की कोशिश कर रही है.





