Devendra Surjan : राहुल गांधी की कथनी और करनी में अंतर न हुआ तो वे कांग्रेस का कायाकल्प कर सकते हैं. पुरानों को हटाकर अधिकतम नये चेहरों को चुनाव में मौका दिया गया तो म.प्र. में कांग्रेस का सत्ता में लौटना कठिन नहीं है. आज के एक सर्वे में राहुल मोदी से मात्र [ O.4 % ] दशमलव चार प्रतिशत ही पीछे हैं जो आधे प्रतिशत से भी कम है. अर्थ साफ़ है कि मोदी उतने लोकप्रिय नहीं जितने मीडिया द्वारा दिखाए जा रहे हैं. स्पष्ट है कि मोदी की प्रसारित हो रही खबरे पेड न्यूज की श्रेणी की हैं.
इस छोटी सी खाई को पाटना राहुल के लिए कठिन नहीं होगा . उन पर स्वयं को प्रधानमंत्री के योग्य होने के लिए कई प्रदेशों में कांग्रेस को जिताना होगा . कर्नाटक उन प्रदेशों में पहला है जहां चुनाव सबसे पहले हो रहे हैं और २२४ सदस्यीय विधान सभा में कांग्रेस ११७ से १३० सीट यानि स्पष्ट बहुमत से चुनकर आने वाली है जबकि सर्वे कहते हैं कई भाजपा को ३० से अधिक सीट नहीं मिलेंगी. इसका दोहराव यदि जल्दी जल्दी अन्य प्रदेशों में भी परिलक्षित हो तो केन्द्र में एक बार फिर कांग्रेस की ही सरकार बनेगी. यानि हेट्रिक असम्भव नहीं है .
देवेंद्र सुरजन के फेसबुक वॉल से.





