जनसंदेश टाइम्स, गोरखपुर यूनिट में वेतन को लेकर खलबली है। हाल यह है कि पिछले फरवरी महीने से अधिकांश कर्मियों को वेतन नहीं मिल पाया है।गोरखपुर में प्रसार से लेकर सभी विभागों के कर्मी वेतन के लिए परेशान हैं। ब्यूरो कार्यालयों का हाल है कि प्रबंधन को अपनी कार्यकुशलता दिखाने के लिए गोरखपुर यूनिट के कर्ताधर्ताओं ने उनके बकाया विज्ञापनों का भुगतान दिखा कर उसी पैसे को वेतन मद में एजस्ट कर दिया है।
अब हाल यह है कि कर्मी वेतन के लिए विज्ञापन का बकाया मांगने में परेशान हैं। जिन लोगों ने शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी के वादे पर अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड दी थी अब उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है। दूसरी कहानी यह है कि जिन कर्मियों के वेतन से ग्रेच्युटी का पैसा काटा गया था वह पैसा उनके ग्रेच्युटी खातों में आज तक नहीं भेजा गया है। आज कल कह कर सभी कर्मियों को टरकाया जा रहा है। इसी के साथ अब प्रबंधन एक एक कर ब्यूरो कार्यालयों को बंद कर वहां जिला प्रतिनिधि बना कर काम कराने की तैयारी में है। इस नीति का पहला परीक्षण संतकबीरनगर में जारी है जहां से इंवर्टर और इंटरनेट तक की सुविधा हटा ली गई है।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





