बरहज तहसील में हिंदुस्तान के पत्रकार संतोष उपाध्याय के साथ हुई मारपीट की घटना पत्रकारों के आपसी रंजिश का परिणाम है. संतोष उपाध्याय बरहज से सटे जयनगर में एक व्यक्ति को कुछ रुपये देने गए थे. संतोष जिस व्यक्ति को रुपये देने गए थे उसका अपने पट्टीदारों से जमीन का विवाद चल रहा है. जब वे रुपये देकर वापस जा रहे थे तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उनकी बाइक रोक ली तथा पूछताछ करने लगे.
संतोष ने उन लोगों को बताया कि वे अपने एक मित्र का पैसा बकाया था, जिसे वे देकर आ रहे हैं. इतने में दूसरे पक्ष के लोग भी आ गए तथा उनके बीच आपस में ही विवाद शुरू हो गया. फिर मारपीट भी हो गई, जिसकी चपेट में संतोष उपाध्याय भी आ गए. इसी मामले को रंजिशन कुछ पत्रकारों ने बढ़ा चढ़ाकर तथा रंगरेलियां मनाने में मारपीट का मामला बना दिया, जो सरासर गलत है. हिंदुस्तान के वरिष्ठ लोगों ने भी मौके पर जाकर इस मामले की जांच की, जिसके बाद संतोष उपाध्याय को क्लीन चिट दिया गया है.
एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.





