एनडीटीवी के मीडियाकर्मियों के लिए अच्छी खबर नहीं है. एनडीटीवी प्रबंधन मुंबई में कास्ट कटिंग की तैयारी कर रहा है. पिछले दोनों दिनों से सीईओ और एक्जीक्यूटिव डाइरेक्टर विक्रम चंद्रा, एक्जीक्यूटिव वाइस चेयरपर्सन केएलवी नारायण राव तथा एचआर हेड गगन भार्गव मुंबई में डेरा डाले हुए हैं. ये लोग शनिवार को दिल्ली से मुंबई पहुंचे थे. कर्मचारियों की छंटनी करके कंपनी का खर्च करने की कोशिश की जा रही है. रविवार को मीटिंग करके इन लोगों ने कर्मचारियों को तीन विकल्प सुझाए हैं.
पहला विकल्प यह है कि कर्मचारियों का तबादला दिल्ली में एनडीटीवी के कनवर्जिस में कर दिया जाए. हालांकि यहां इन लोगों का कद और पद क्या होगा, सैलरी क्या होगा इसकी जानकारी नहीं दी गई है. दूसरा सुझाव है कि आप एनडीटीवी के साथ जितने सालों से कार्यरत हैं उतने महीने तक आपको सैलरी दी जाएगी, लेकिन आपको इस्तीफा देना पड़ेगा. यानी जो कर्मचारी एनडीटीवी से आठ साल तक जुड़ा रहा है कंपनी उसे आठ महीनों तक सैलरी देगी. तथा अगर इस दौरान दूसरी कंपनी से किसी जांच के लिए कॉल वगैरह आई तो एनडीटीवी उनके अपने साथ जुड़े रहने की जानकारी देगा.
कर्मचारियों को तीसरा विकल्प दिया गया है कि वे एक मुश्त पांच महीने की सैलरी लेकर एनडीटीवी को अलविदा कह सकते हैं. खबर है कि सोमवार को भी इस मामले में चर्चा चल रही है. कुछ चुनिंदा कर्मचारियों को इन तीनों विकल्पों में से किसी एक को चुनने का निर्देश भी दे दिया गया है. अभी तक खबर नहीं मिल पाई है कि कितने कर्मचारी इन विकल्पों को चुनने को तैयार हैं. एक तरफ कंपनी कास्ट कटिंग के नाम पर कर्मचारियों की बलि लेने की तैयारी कर रही है तो दूसरी तरफ कंपनी के अधिकारी बिजनेस क्लास की सवारी के बाद ताज जैसे महंगे होटल में कंपनी के पैसे पर रुके हुए हैं. साथ ही उन्होंने आईपीएल का भी जमकर आनंद लिया.





