तमाम प्रयासों के बावजूद दैनिक जागरण समूह का बच्चा अखबार अपनी पहचान नहीं बना पा रहा है. हिंदी और अंग्रेजी के दो नावों की सवारी इस अखबार को महंगी पड़ रही है. अमर उजाला का बच्चा अखबार काम्पैक्ट इसे लगभग सभी जगहों पर भारी अंतर से पीछे छोड़ चुका है. प्रबंधन के लाख प्रयास के बावजूद यह अखबार युवाओं की पसंद नहीं बन पाया है, जबकि अन्य लोग तो आधी हिंदी-आधी अंग्रेजी के चक्कर में इसे पढ़ना ही पसंद नहीं करते हैं.
इस अखबार को कर्मचारी मिलने मुश्किल होते हैं. गोरखपुर से कई लोग इस्तीफा देकर गए तो आगरा में मुकुंद मिश्रा से प्रबंधन ने इस्तीफा मांग लिया था. मुकुंद के जाने के बाद आई नेक्स्ट, देहरादून के संपादकीय प्रभारी कुणाल वर्मा को आगरा आई नेक्स्ट की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंप दी गई. अब खबर आ रही है कि सचिन को आगरा में आई नेक्स्ट का नया संपादकीय प्रभारी बना दिया गया है. हाल फिलहाल तक सचिन टीवी मीडिया से जुड़े हुए थे. इसके पहले आई नेक्स्ट, रांची में सुमन सौरभ दुबारा वापस आए हैं, जिन्हें संपादकीय प्रभारी बनाया गया है. सौरभ आई नेक्स्ट से इस्तीफा देकर प्रभात खबर चले गए थे.





