नई दिल्ली। कोयला घोटाले पर सीबीआई के हलफनामे को लेकर सरकार की किरकिरी और बढ़ गई है। विपक्ष तो सरकार पर हमलावर है ही, सुप्रीम कोर्ट भी सरकार के रवैये से नाखुश है। सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामे में सरकारी दखल को लेकर सख्त टिप्पणियां की हैं। इसे लेकर हो रही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से सीबीआई को सियासी दवाब से मुक्त करने को कहा। आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुरू होते ही कोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए कहा कि हलफनामे की बातें बहुत ही चिंताजनक हैं। जिस तरह से स्टेटस रिपोर्ट को सरकार के लोगों से शेयर किया गया है उससे पूरी प्रक्रिया को झटका लगा है। सरकार ने हमारा भरोसा तोड़ा है।
कोर्ट ने कहा कि स्टेटस रिपोर्ट सरकार से साझा करने से हमारी जांच की बुनियाद हिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस तरह से स्टेटस रिपोर्ट को शेयर किया गया है। उससे कोर्ट का भरोसा टूटा है। सुप्रीम कोर्ट ने कठोर टिप्पणी करते हुए सीबीआई से पूछा कि सुप्रीम कोर्ट को जांच रिपोर्ट को सरकार से साझा करने को अंधेरे में क्यों रखा गया? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारा पहला काम ये होना चाहिए की सीबीआई को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करना चाहिए। सीबीआई को स्वतंत्र करना जरूरी है।
वहीं बीजेपी के नेता राजीव प्रताव रूडी ने कहा कि ये सामान्य स्थिति में टिप्पणी नहीं हो रही है। स्टेटस रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित है। इस मामले में देश के पीएम का नाम जुड़ा है। गौरतलब है कि भाजपा समेत कई विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार के कानून मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं। सीबीआई रिपोर्ट में बदलाव सरकार के गले की हड्डी बन गया है।





