देश में चिटफंड कंपनियां और बिल्डर तमाम लोगों के सपने और अरमान अक्सर तोड़ते रहते हैं. अभी शारदा ग्रुप की चिटफंड कंपनी ने हजारों लोगों को ठगा है तो 217 शहरों में लोगों के लिए आशियाना बनाने का सपना दिखाने वाले सहारा ने सपने ही छल लिया. अब ऐसी ही एक खबर गुडगांव से आ रही है, जहां एक बड़े बिल्डर समूह ने हजारों लोगों को ठग लिया है. इस समूह में फ्लैट और घर खरीदने वाले सैकड़ों लोग ठगे जा चुके हैं. यहां रहने वाले लोग अब इस मामले को लेकर सरकार और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं.
एएआरडी नाम की कंस्ट्रक्शन कंपनी, जिसका दिल्ली में बाराखंभा पर मशहूर गोपालदास बिल्डिंग है, ने गुडगांव के सेक्टर 52 में कुछ साल पहले एक कॉलोनी का निर्माण किया. यहां मॉल, टॉवर, मल्टी स्टोरीज बिल्डिंग, विला, पेंट हाउसों का निर्माण करवाया. सैकड़ों लोगों ने कंपनी के इस प्रोजेक्ट में अपना अपना घर, फ्लैट, दुकान आदि बुक कराया. कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के बाद लगभग दो साल पहले सभी को बुक कराई गई प्रापॅर्टी रजिस्ट्री कर दी. यहां तक तो ठीक था, पर सरकार की तरफ से इस कॉलोनी के आरडब्ल्यूए को आई सूचना ने पूरी कॉलोनी को हिला कर रख दिया है.
बताया जा रहा है कि एएआरडी कंपनी ने गैरकानूनी तरीके से बिना कम्पलीशन सर्टिफिकेट जमा किए लोगों को उनकी प्रॉपर्टी रजिस्ट्री कर दी, जबकि बिना कम्पलीशन सर्टिफिकेट के रजिस्ट्री पूरी तरह गैर कानूनी तथा अमान्य है. सभी कंपनियों को कम्पलीशन सर्टिफिकेट लेना इसलिए जरूरी होता है ताकि इस बात की जांच की जा सके कि कंपनी ने जिस तरह और जितना एरिया में प्रोजेक्ट के लिए नक्शा पास कराया गया था, उतना ही निर्माण हुआ है या फिर कम या ज्यादा. परन्तु एएआरडी कंपनी ने बिना कम्पलीशन सर्टिफिकेट जमा किए ही रजिस्ट्री कर दी.
रजिस्ट्री होने के बाद सभी निवासी इस मल्टी स्टोरीज कॉलोनी में रहने लगे. अब सरकार की तरफ से सूचना दी गई है कि इन लोगों को गैरकानूनी तरीके से कब्जा मिला है. यहां रहने वाले हजारों लोग अब अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं. आरडब्ल्यूए भी परेशान हैं. सरकार ने सीवर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है. यानी एएआरडी कंपनी ने सैकड़ों लोगों से धोखा करके उन्हें ठग कर निकल चुकी है. यहां रहने वाले वाशिंदे बुरी तरह परेशान हैं. आरडब्ल्यूए रास्ता निकालने की तैयारी कर रहा है लेकिन यहां रहने वाले लोग अपने करोड़ों के निवेश के फंसने से परेशान हैं.
बताया जा रहा है कि एएआरडी का विरोध भी शुरू हो चुका है. यहां के रहने वाले लोग अब हरियाणा सरकार का दरवाजा खटखटाने के साथ कोर्ट जाने की भी तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना कम्पलीशन सर्टिफिकेट दिए किस तरह से इस कंपनी को रजिस्ट्री करने दिया गया. सरकारी अधिकारी और संबंधित विभाग के लोग इतने समय तक चुप्पी क्यों ओढ़े रहे. आरोप लग रहा है कि इस प्रोजेक्ट में नेता और अधिकारियों ने भी जमकर पैसा बनाया है, इसीलिए रजिस्ट्री से पहले कंपनी से कम्पलीशन सर्टिफिकेट और अन्य चीजों की मांग नहीं की गई.







