नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बाजार नियामक सेबी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें कहा गया है कि सहारा से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई एक जगह की जाए. सहारा से जुड़े प्रकरण इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ खंडपीठ और सेक्युरिटीज अपीलैट ट्रिब्यूनल मुंबई में भी चल रहे हैं. सेबी के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी मामलों की सुनवाई पर रोक लगाकर उन्हें सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर करने को कहा है.
इस तरह निवेशकों के 24 हजार करोड़ रुपए लौटाने के खिलाफ सैट, इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ खंडपीठ में सहारा और सुब्रत राय को लेकर चल रही सभी याचिकाओं मुकदमों पर रोक लगा दी गई है. इस मामले की अगली सुनवाई आठ मई को होनी है.
निवेशकों के 24000 करोड़ रुपये न चुकाने के मामले में सेबी ने 15 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी और सुब्रत रॉय सहारा की गिफ्तारी की मांग की थी. गौरतलब है कि नवंबर 2010 में सेबी ने सहारा ग्रुप की 2 कंपनियों को ऑप्शनली फुली कंवर्टिबल डिबेंचर्स (ओएफसीडी) के जरिए रकम जुटाने के लिए रोका था. जनवरी 2011 में सेबी ने एक विज्ञापन देकर निवेशकों को सावधानी बरतने को कहा था. इसके बाद सेबी और सहारा के बीच एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट में जाने का खेल चला था.





