बरनाला शहर में भास्कर के दो पत्रकारों हिमांशु दुआ और जतिन्द्र देवगन पर जानलेवा हमला करने के आरोपियों को नौ दिन बाद भी गिरफ्तार न करने पर जिले के समूह पत्रकारों ने अन्य संगठनों के साथ मिलकर वीरवार को डीसी कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इस दौरान लोगों ने पुलिस-प्रशासन व पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डीसी इंदू मलहोत्रा ने धरना स्थल पर पहुंच कर पत्रकारों से ज्ञापन लिया।
एक्शन कमेटी के सदस्य जगीर जगतार ने कहा कि अगर आरोपियों को तीन दिन के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया और दर्ज मामले से राजनीतिक दबाव के कारण कातिलाना हमले की धारा को हटाने का प्रयास किया गया तो संघर्ष तेज किया जाएगा। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए गठित एक्शन कमेटी अन्य संगठनों के साथ बैठक कर पांच मई को अगले संघर्ष का एलान करेगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि पांच मई तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सिविल व पुलिस प्रशासन के कार्यक्रमों का बायकाट किया जाएगा।
एक्शन कमेटी के नेता जगसीर संधू, विवेक सिंधवानी, हरिंदर पाल निक्का, राजमहेंदर सिंह, यादविंदर तपा ने कहा कि मीडिया की आजादी पर हमला करने वालों के जुल्म के खिलाफ समूह पत्रकार डटकर लड़ाई लड़ेंगे। भारतीय किसान यूनियन (डकौदा) के प्रांतीय नेता मनजीत धनेर, इंकलावी केंद्र के प्रांतीय नेता नरायण दत्त ने कहा कि अगर लोगों के संघर्ष की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाले मीडिया कर्मी सुरक्षित नही हैं तो आम लोगों का क्या हाल होगा। उन्होंने कहा कि यह मामला वह राज्य के सत्रह किसान मजदूर संगठनों की बैठक में भी विचार के लिए रखेंगे।
इस मौके पर पत्रकार सुखचरण सुखी,जतिंदर धनौला,मदन लाल गर्ग,अवतार अणखी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर एक्शन कमेटी के सदस्य नील कमल, जीवन रामगढ़, रविंदर रवि, आशीष पालको, निर्मल सिंह ढिल्लो, बाल कृष्ण गोयल विशेष तौर पर उपस्थित रहे। मंच संचालन पत्रकार सतीश सिंधवानी ने किया।
गौरतलब है कि पत्रकार हिमांशु दुआ और जतिन्द्र देवगन ने बरनाला के आरएसएस पदाधिकारी और पंजाब एग्रो के इंस्पेक्टर राम कुमार ब्यास पर 5200 बोरी गेहूं खुर्द-बुर्द करने के आरोप की खबर छापी थी। तभी से वह इनसे रंजिश रखता था। जिसके चलते राम कुमार ब्यास ने बुधवार रात दोनों पत्रकारों को साजिश के तहत एक दुकान पर बुलाया और इन्हें बंधक बनाकर मारपीट की।





