साधना समूह में केवल मालिक और सीनियर ही ऐन केन प्रकारेण पैसा कमाने की कोशिश नहीं करते हैं बल्कि उन्होंने ऐसे स्ट्रिंगर और रिपोर्टर भी रख छोड़े हैं, जो पैसा कमाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. लाशों पर भी पैसा बना सकते हैं. ऐसा ही एक मामला भागलपुर में सामने आया है. साधना न्यूज भागलपुर के रिपोर्टर विजय कुमार तथा उनका कैमरामैन सुबोध इसी वसूली के चलते घंटों लाकअप में बैठाए गए, जब उन्होंने पैसे वापस किए तब जाकर पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला. इस दौरान साधना न्यूज और उनके लोगों की जमकर किरकिरी हुई.
जानकारी के अनुसार भागलपुर में एक व्यक्ति ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली. सूचना मिलने पर साधना न्यूज के विजय कुमार सिन्हा और सुबोध कुमार पहुंचे. इन लोगों ने मृतक के छोटे भाई को फंसने-फंसाने की धमकी देकर चार हजार रुपये की मांग की. एक तो भाई की मौत दूसरे इन दोनों के हड़काए और धमकाए जाने पर मृतक का छोटा भाई काफी डर गया, जिसके बाद इन दोनों ने उससे चार हजार रुपये वसूली लिए और निकल गए.
इस बीच मौत की सूचना पर तमाम परिजन भी पहुंच गए. मृतक के परिजनों में एक पत्रकार भी था, जब उसे इस बात की सूचना मिली कि साधना न्यूज के पत्रकार ने वसूली की है तो उसने विरोध जताना शुरू किया. इन लोगों को ढूंढा गया, तब तक ये लोग पूरी तरह नशे में हो चुके थे. मृतक के परिजन इन लोगों को मारने-पीटने की भी तैयारी कर रहे थे, लेकिन किसी ने पुलिस को सूचना दे दी. पुलिस मौके पर पहुंची तथा किसी तरह इन दोनों को भीड़ से बचाकर थाने ले आई.
दोनों पत्रकारों को थाने के हाजत में बंद कर दिया गया. तीन घंटे तक ये दोनों हाजत में बंद रहे. इस दौरान इन दोनों की जमकर किरकिरी हुई. भीड़ में तमाम लोगों ने इन दोनों के साथ चैनल के बारे में भी अपशब्द कहे. बाद में स्थानीय मीडियाकर्मियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों ने वसूली गई रकम वापस की, तब जाकर पुलिस ने इन्हें हाजत से बाहर निकाला. हालांकि इस दौरान साधना न्यूज के इन दोनों होनहारों की जमकर किरकिरी हुई. स्थानीय अखबारों ने भी इस खबर को प्रकाशित किया.
हालांकि साधना न्यूज के रिपोर्टर विजय कुमार सिन्हा के बारे में साधना के वाइस प्रेसिडेंट शैलेंद्र सिंह का कहना है कि वो उनके चैनल से जनवरी में ही इस्तीफा दे दिया था. अब उनका साधना न्यूज से कोई लेना देना नहीं है.





