नई दिल्ली। सहारा समूह पैसा निवेशको का पैसा लौटाने के मामले में गलत व्यवहार कर रहा है। सहारा की मंशा निवेशको का पैसा लौटाने की नही है। सहारा पर ये टिप्पणी की है सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के एस राधाकृष्णन ने जस्टिस कृष्णन ने। इन्होंने ये भी कहा कि सहारा की नीयत में खोट इसी बात से पता चलता है कि सहारा ने निवेशको को जो चार हजार करोड़ रुपये लौटाये हैं उसका सही विवरण भी सेबी को नहीं दिया है।
सहारा ने जो भी विवरण दिया उस विवरण में एक ही व्यक्ति के बारे में कई बार नाम लिखा गया है। वहीं कुछ ऐसे भी है जिनका नाम करीब एक हज़ार बार लिखा गया है। जस्टिस कृष्णन ने सहारा पर आरोप लगाते हुए कहा कि सहारा इस मामले को कानूनी पेचीदगियों में उलझकर निवेशकों का पैसा हड़पना चाहता है या वापस नहीं करना चाहता है।
कोर्ट ने सहारा द्वारा निवेशकों के 24 हज़ार करोड़ रुपयों की देनदारी मामले में गंभीर रुख अपनाते हुए विभिन्न अदालतों और पंचाटों की कार्यवाहियों पर रोक लगाते हुए सहारा समूह से कहा है कि वो इस मुद्दे पर अपना जवाब आने वाले बुधवार तक अदालत को दे। वहीं सेबी के अधिवक्ता अरविन्द पी दातार ने सहारा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सहारा अपनी देनदारियों से बचना चाह रही है। (पटु)





