अदालत ने जिंदल स्टील से 100 करोड़ रुपये की उगाही के मामले से संबंधित गलत खबरें दिखाकर धोखाधड़ी करने के मामले में जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी को अग्रिम जमानत प्रदान करने से इंकार कर दिया है। पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दया प्रकाश ने शनिवार को फैसले में कहा कि अभियुक्त पर गंभीर आरोप हैं। वर्तमान में जांच जारी है, ऐसे में अग्रिम जमानत प्रदान करना जांच के हित में नहीं है। इसलिए वे जमानत आवेदन खारिज करते हैं।
जिंदल स्टील के मालिक व सांसद नवीन जिंदल ने सुधीर और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कोल आवंटन संबंधी सीएजी की रिपोर्ट संसद में पेश की गई थी और उसे किसी भी पक्ष को नहीं दिया गया था, लेकिन चैनल ने सीएजी की रिपोर्ट का हवाला देकर गलत खबरें चलाईं।
वहीं, जिंदल ग्रुप के खिलाफ भी गलत खबरें चलाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोप में कहा गया कि सुधीर व समीर अहलूवालिया ने रिपोर्ट में बदलाव कर गलत खबरें पेश कीं। यह सरासर धोखाधड़ी का मामला है। इन दोनों के अलावा अन्य अभियुक्तों ने भी दस्तावेज में हेराफेरी करके जालसाजी की है। सुधीर पहले भी जमानत का प्रयास कर चुके हैं लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिली थी।
मालूम हो कि जिंदल स्टील से 100 करोड़ की उगाही करने के मामले में सुधीर व समीर को 7 नवंबर को गिरफ्तार किया था लेकिन 17 दिसंबर को दोनों को जमानत मिल गई थी। इसी मामले में जी न्यूज के चेयरमैन सुभाष चंद्रा व उनके पुत्र पुनीत गोयनका को भी अभियुक्त बनाया गया था। अदालत ने इनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली थी। वहीं, अब गलत खबरें दिखाने के धोखाधड़ी वाले दूसरे मामले में अदालत ने सुधीर को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है। (अमर उजाला)





