भटिंडा में जस्सल सिंह रामगढिय़ा जी के 290वें जन्म दिवस के मौके पर पत्रकारों को पंजाब के उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल का लापरवाह चेहरा देखने को मिला। सुखबीर बादल ने इस कार्यक्रम में चीफ गेस्ट के तौर पर 11.30 बजे पहुंचना था, परन्तु सुखबीर तक कार्यक्रम से साढ़े तीन घंटे लेट 3 बजे इस कार्यक्रम में पहुंचे।
इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने पत्रकारों को कार्यक्रम वाले स्थान पर नहीं जाने दिया, जो पत्रकार कार्यक्रम शुरू होने से पहले पैलस के अंदर जा चुके थे, उनको बाहर आने की इजाज़त नहीं दी गई। एक तरीके से पत्रकारों को बंधक बना लिया गया, इसी कारण अंदर बैठे पत्रकारों को करीब 3.30 घंटे सुखबीर का इंतज़ार करना पड़ा।
प्रशासन को यह डर था कि यदि पैलस से किसी को बाहर जाने की इजाज़त दी गई तो कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों की संख्या कम हो सकती है। लिहाज़ा प्रशासन ने 3 घंटे तक कार्यक्रम वाले स्थान से किसी को बाहर नहीं जाने दिया। यह पहला मौका नहीं है जब कोई राजनैतिक हस्ती किसी कार्यक्रम में समय से नहीं पहुंची। इससे पहले भी कई बार मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने वाली राजनैतिक हस्तियां लेट लतीफी वाला रवैया अपनाती रही हैं, परन्तु कार्यक्रम शुरू होने तक लोगों को कार्यक्रम वाले स्थान से हिलने न देना कई तरह के सवाल खड़े करता है।





