Rajat Amarnath : दोस्तों, एक बहुत बड़े पत्रकार हैं श्री मुकेश कुमार. कई चैनलों को पैदा किया और उन्हीं चैनलो को असमय मृत्यु भी दे दी. दो दिन पहले ही उन्होंने एक न्यूज़ चैनल में में हुई मारपीट को लेकर फेसबुक पर अपील की थी कि अब चुप रहने का समय नहीं है और अब विरोध होना चाहिए. मैंने भी उनसे कुछ सवाल किये थे लेकिन उन्हें मेरे सवालों का जवाब देने से अच्छा मुझे फेसबुक पर ब्लॉक कर देना लगा.
श्री मुकेश कुमार जैसे ही लोग हैं जो पत्रकारिता की आड़ में बिल्डरों को सब्जबाग दिखाते हैं, उन्हें मीडिया की ताक़त बताते हैं और उनके लिए चैनल लाते हैं. अपना मतलब साधते हैं. पत्रकारों को बिल्डरों और ऐसे ही दुसरे लोगो का पीआर के काम पर लगा देते हैं और अगर गलती से कोई मालिक उनसे उनकी कारगुजारियों का जवाब मांग ले तो अपने लाव लश्कर के साथ संस्थान को टाटा बाय बाय कर देते हैं. आप में से कोई भी चाहे तो मेरी बातों की तस्दीक कर सकता है. आखिर क्या बात है कि आवाज़ उठाने के समय पर श्री मुकेश कुमार चुप हो गए. अगर वाकई श्री मुकेश कुमार पत्रकार बिरादरी से हैं तो मेरे सवालों का जवाब दें और कम से कम किसी को भड़का कर अपना उल्लू सीधा न करें. अगर कोई भी संस्थान बंद होता है तो कई पत्रकार साथी सड़क पर आ जायेंगे. श्री मुकेश कुमार को तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा. उनके चंगुल में तो कई ऐसे लोग होंगे जो मीडिया की ताक़त का नशा लेना चाहते होंगे लेकिन पत्रकारों के पास कलम के अलावा कोई ताक़त नहीं होती ……
Shiv Om Gupta मैं मुकेश कुमार को एस-1 चैनल से ही परिचित हूं और पिछले 8 वर्षो में मैंने उन्हें कई न्यूज चैनल के उद्गाटक और समापक के रूप में देखता आ रहा हूं..औऱ बार-बार सवाल मेरे मन में उठता रहा कि आखिर यह आदमी कर क्या रहा है। आज आपकी बातों से सारे सवाल हवा हो गए है। निश्चित रूप से मुकेश कुमार पत्रकारिता के नाम पर कुकुरमुत्ता मीडिया संस्थान को हवा दे रहें है।
Satish Kumar Dwivedi Rajat Amarnath bhai—-hamame mein saab nage hote hai—kyo kisi ke kappade utare jaye—-saab aabu dana dhood rahe hai
Mohammad Irfan Sheikh Rajat bhai you are speaking the TRUTH…..
Prem Kumar Kyo asman me thukte hai rajatjee. Nishantjee ke pas number badhane ke liye facebook kyo! Abhimanyu vadh ki tarah kuberbadh par apka rukh kauravo ki tarah kyo hai?
Shyam Verma Rajat g aap n sahi k ha, aaj kl builder masroom ki trh proteen yukt h mukes jasi log kheyti kr rahy h
Rishi Dutt Tewari raja t ji ye post hamare ek priya sathi Mayank Saxena ki wall se kripya zaroor padhe
Mayank Saxena
हाल ही में एक टीवी चैनल के एक डेस्क के कर्मचारी ने एक रेप पीड़िता के अस्पताल के नाम और बेड का नम्बर तक पैकेज में लिख दिया…सम्पादक के इस बाबत केबिन नमें बुलाकर चुपचाप पूछने पर भी उन्होंने अभद्रता से बात की…और उसके बाद सम्पादक से शारीरिक हिंसा करने की कोशिश की…सम्पादक महोदय अपने जेंटलमेन बिहेवियर के लिए ज़्यादातर जगह जाने जाते हैं…लेकिन इन महोदय ने हर तरह की अभद्रता की…
इसके बाद मामला थाने तक गया और रफा दफा हो गया…लेकिन एक स्वयंभू स्वकथित मार्क्सवादी सम्पादक (फिलहाल कहीं काम नहीं करते हैं) इस कर्मचारी को सही ठहराने में लगे हैं, जिसने एक यौन हिंसा पीड़िता की पहचान ज़ाहिर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी…और सही बात कहने वाले सम्पादक के खिलाफ कैम्पेनिंग कर रहे हैं…
ये सम्पादक महोदय इसी चैनल में सम्पादक रहे हैं…और इनके इतिहास के बारे में सिर्फ इतना बताया जा सकता है कि जनवादी सम्पादक महोदय जिस भी चैनल में रहे, उसे डब्बे में डाल कर और अच्छी खासी रकम खोंस कर ही निकले हैं…कर्मचारियों के बारे में कभी नहीं सोचा…बहुत सारे चैनल लांच करवाए हैं हालांकि बंद होने की नौबत तक ला कर अपना मामला सेट कर निकल लिए…
सम्पादक महोदय एक साहित्यिक पत्रिका में मीडिया को गरियाते हुए कॉलम लिखते हैं…कि मीडिया भ्रष्ट है, ये अलग बात है कि जब वो ये लिखते रहे…तब साथ साथ चिटफंडियों के चैनल भी चलाते रहै…इनके बारे में एक और बात कि इनके चेहरे पर कोई भाव नहीं आता है…न हंसी का…न दुख का…मतलब बहुत शातिर हैं…
फिलहाल सम्पादक जी नए मुर्गे की ताक में हैं…देखें चिटफंडिया फंसता है या नेता…या फिर फिल्म निर्माता…
Santosh K Shahi रजत अमरनाथ जी मान लिया आप सही कह रहे हैं, लेकिन आपको इस बात की याद अभी क्यों आई, यह मुद्दा आपको पहले उठाना चाहिए था, और शर्म की बात हैं न की आप उसी बिल्डर के चैनल के मुफ्त की सैलेरी उठा रहें हैं , जिसे फसाने का आरोप मुकेश जी पर लगा रहें हैं, मिं निशांत पर उंगली क्या उठी आप तो फड़फड़ा उठे भाई साहेब.चलिए अब सही सहीं बता भी दीजिए की बीजेपी कवर कर रहे एक रिपोर्टर को कथित चैनल से क्यों निकाला गया , हिम्मत है तो सरेआम फेसबुक पर लिखें और अपने प्रबंधन के खिलाफ लिखने की हिम्मत दिखाए कम से कम मै तो आपका साथ जरुर दुंगा , और ये भी बताए की जो आपके चैनल में मारपीट हुई थी क्या उसमें आपके कथित संपादक की भूमिका को सही मानते हैं. हिम्मत हो तो बिल्डर के चैनल से इस्तीफा दे कर दिखाए और प्रण कर ले की फिर किसी बिल्डर के चैनल में काम नहीं करेंगें , मिं रजत अमरनाथ की मुकेश जी ने आपको फेस बुक पर बैन किया तो यह गलत हैं बिल्कुल उन्हे आपके सवालों के जवाब देने चाहिए थे ,यह पत्रकारिता की प्राथमिक नियम हैं।लेकिन अमरनाथ जी आपको बता दे आज आप पत्रकारिता नहीं कर रहें हैं या कोई भी पत्रकार नहीं हैं यह शब्द भूलजाए. इसके लिए निश्चित रुप से हमारे वो वरिष्ठ लोग जिम्मेदार हैं जो इसे गिरवी रखें हैं , और आप ये कैसी बहकी बहकी बात कर रहें हैं वीर सांघवी, वरखा दत्त, प्रभू चावला का नाम भुल गए अरे भाई साहब किस किस पर बोलूं कहां कहां बोलू , भाई हमाम में सभी नंगे हैं आपभी और मै भी चुनौति को स्वीकार कीजिए हि्म्मत हैं तो आपके जवाब का इंतजार हैं
Rajat Amarnath प्रिय संतोषजी, सबसे पहली बात मैं कोई मुफ्त की सेलरी नहीं उठा रहा इमानदारी से काम करता हूँ और सेलरी पाता हूँ और जहाँ तक आप कहते हैं की इसकी याद अभी क्यूँ आयी तो मैंने कहा है की मुकेशजी भड़काने का काम कर रहे हैं उनका तो कुछ नहीं बिगड़ेगा क्यूंकि उनके पास तो कई ऐसे लोग होंगे जो मिडिया का नशा लेना चाहते होंगे लेकिन उन पत्रकारों का ज़रूर नुक्सान होगा जो भड़कावे में आते हैं जिनके पास न तो कोई पहुँच है और न ही कोई आसामी जो चेनल ल सके और मैंने निशांत पर ऊँगली उठाने पर नहीं लिखा ये मेरी अपनी अभिव्यक्ति है और जहाँ तक बीजेपी कवर करने वाले रिपोर्टर को निकालने की बात है वो निकाला नहीं गया है और उसके साथ मैं आज भी खड़ा हूँ और चाहे तो आप उसी रिपोर्टर से तस्दीक कर सकते हैं और जहाँ तक उस मारपीट में सम्पादक की भूमिका की बात है जो हुआ वो गलत था न तो कुबेरनाथ को हाथ उठाना चाहिए था न ही निशांत को लेकिन आप को पता होना चाहिए "डिफेंस इस नौट द ओफ़ेन्स " न कुबेरनाथ हाथ उठाते न सब होता और अगर और जहाँ तक आप कहते हैं की मैं बिल्डर के चेनल से इस्तीफ़ा दूं तो संतोषजी मैं यहाँ पर पत्रकार हूँ न की कोई मार्किटिंग मेनेजर जो हर महीने अपन टार्गेट पूरा करने के लिए बिल्डर को सब्जबाग दिखाता हो जैसे की मुकेशजी ने दिखाए थे और मेरा विरोध इस बात पर है जो मुकेशजी ने कहा की ये चुप रहने का समय नहीं है अगर मुकेशजी वाकई कुछ बोलना चाहते थे तो हमारे प्रबंधन से बात करते न की इस पब्लिक फोरम पर अनर्गल लिखते मेरी नज़र में श्री मुकेश कुमार अपना निकाले जाने का फ्रस्टेशन फेसबुक के ज़रिये निकाल रहे थे क्या कभी मुकेश कुमारजी ने उन ६ लोगो से पुछा की वो किन हालात में हैं जो उनके साथ उसी दिन ऑफिस छोड़ गए थे जब वो चेनल को बंद कराने की फिराक में छोड़ गए थे और मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की अगर मुकेश कुमार ने मुझे फेसबुक से बैन कर दिया क्यूंकि मेरी नज़र में मुकेश कुमार मीडिया की दाई से बढकर कुछ नहीं हैं जो हर साल एक नया चेनल पैदा कर देती है बाकी आप कुछ भी पूछना चाहे आप स्वतंत्र हैं
Rishi Dutt Tewari media ki dai hahaha badhai ho badhai hahaha
Rajat Amarnath प्रिय प्रेम कुमारजी
न तो मुझे किसी के सामने नंबर बढाने की ज़रुरत है न ही कभी पड़ेगी मैंने मीडिया में निर्गुट काम किया किया है और करूँगा ये बात आप भी अच्छी तरह जानते हैं लेकिन मुकेशजी की चरण वंदना आपको सच देखने ही नहीं दे रही आपको भी पूरा मौका दिया था अच्छे से काम करने का लेकिन आपने काम के बदले अपने ही लोगो साथियों की शिकायत करनी शुरू कर दी बेहतर है आप उस चेनल को अपना अच्छा आऊटपुट दे जिन्होंने आपको इस विशवास के साथ लिया है की बिना भोजपुरी भाषा के ज्ञान के आप अच्छा काम करेंगे…….
Rishi Dutt Tewari आओ, हम उस अवस्था में पहुंचने का प्रयास करें, जिसमें हम दयालु और प्रेममय हों। आओ हम निश्चय करें कि हमारे बोल मीठे हों। आओ, हम निश्चय करें कि हम दूसरों के प्रति विनम्र और करुणामय बन सकें। आओ, हम टूटे दिलों को प्यार और मधुर वचनों से सुख पहुंचाएं। hahahah yeh is mauke pe jamega
Suchitra Kalyan Mohanty u r very right rajatji, kuch builder company (sabhi nahin) media company khole huyen hain, aur us adh mein apna blackmoney ko safed karte tohi hain aur at the same time, power ko control karte hain aur bureacracy, executive ke sahare apna kala samrajya chalane ni nakaam kaushis kartey hai. but NOW time has come to stop all this illegal trade.
Santosh K Shahi का हुआ द्ददा, बिल्डर के चैनल से इस्तीफा कब दे रहे हो, वो भी मुकेश कुमार जी द्वारा बसाए घर से काफी हल्ला मचा रहे थे नैतिकता की — हा हा हा
रजत अमरनाथ के फेसबुक वॉल से.
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