प्रिय मित्रों, पत्रकारिता के नाम पर उद्योगपतियों द्वारा पत्रकारों का शोषण कर अपनी तिजोरी भरना अब कोई नई बात नहीं है। लेकिन दुखद स्थिति ये हैं कि अब पेशेवर पत्रकार जो अब धन्ना सेठ बन बैठे हैं वो भी पत्रकारों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनका शोषण करने में पीछे नहीं हैं। और इसका सीधा उदाहरण है एनएनआईएस जिसके कर्ता धर्ता अरुप घोष, शिरीन सेठी और संदीप खुद एक पत्रकार रहे हैं और कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं।
लेकिन आप सब इस तथ्य से भलि भांति परिचित हो गए होंगे कि कैसे पत्रकारों से काम कराकर ये लोग सबका पैसा हजम करते जा रहे हैं। इनके काम करने का तरीका एक है। पहले किसी एक जगह से खबर मंगवाना शुरु करो, फिर जब मोटा रकम बकाया हो जाए तो उसकी जगह दूसरा आदमी रख लो। एक एक स्टेशन से स्ट्रिंगरों और रिटेनरों का 50 से 6 लाख तक का बकाया है।
इनके संस्थान में दो लोग ऐसे हैं जो हमें सिर्फ बरगलाने का काम करते रहे हैं। एक है कुलवंत जो एकाउंट्स देखता है और दूसरी है आरती कपूर जो समाचार संपादक हैं। कुलवंत हमेशा झूठा भरोसा दिलाता है और कई बार धमकियां भी देता है। आरती कपूर को जब खबरों की जरूरत होती है तो वो बड़े प्यार से फोन करती है। पैसा मांगने पर कहती हैं कि मैनेजमेंट के आगे वो मजबूर हैं। मैनेजमेंट की आर्थिक हालत खराब है। वो खुद को पाक साफ दिखाने की कोशिश करती हैं।
ऐसे में सवाल है कब तक हम इनका शोषण झेलेंगे। अब वक्त आ गया है कि एकजुट होकर हम अपनी लड़ाई लड़ें। हमारा सुझाव है कि नोएडा पहुंचकर एक साथ हम एसएसपी कार्यालय में इनके खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करायें और एनएनआईएस के आगे प्रदर्शन और धरने का कार्यक्रम शुरू करें। इसके लिए अलग से नोएडा के डीएम और लेबर कमिश्नर को हम पत्र लिख रहे हैं। आप सब से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में एकजुट होकर एनएनआईएस के खिलाफ मुहिम शुरू करें और सूचना प्रसारण मंत्रालय तक भी इसकी लिखित शिकायत दर्ज करायी जाये।
NNIS SAMITI
(यह पत्र एनएनआईएस के कर्मचारियों द्वारा बनाए गए एनएनआईएस समिति की तरफ से जारी की गई है.)





