नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार और सीबीआई को आदेश दिया कि वे कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में जांच अधिकारी रहे आईपीएस अधिकारी रविकांत मिश्रा को फिर से सीबीआई में लाने के लिए तत्काल कदम उठाएं। ओडिशा कैडर के 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी मिश्रा उन चार उप-महानिरीक्षकों (डीआईजी) में थे जो कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता के मामलों की जांच कर रहे थे। सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर तीन साल बिताने के बाद मिश्रा को खुफिया ब्यूरो (आईबी) में भेज दिया गया था।
न्यायमूर्ति आरएम लोढा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मिश्रा सहित जिन 33 अधिकारियों के नाम उच्चतम न्यायालय में सौंपे गए हैं उन्हें शीर्ष न्यायालय की पूर्वानुमति के बगैर नहीं बदला जाए। खंडपीठ ने कहा, केंद्र सरकार और सीबीआई, प्रतिनियुक्ति पर तैनात आईपीएस अधिकारी रविकांत मिश्रा को कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच के लिए फिर से सीबीआई में लाने के लिए तत्काल कदम उठाए।
अपने आदेश में न्यायालय ने कहा, सीबीआई के निदेशक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रविकांत मिश्रा सहित जिन 33 अधिकारियों के नाम उच्चतम न्यायालय को दिए गए हैं उन्हें इस न्यायालय की पूर्वानुमति के बगैर नहीं बदला जाए। (भाषा)





