जनता पार्टी के नेता सुब्रहमण्यम स्वामी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर मांग की है कि सभी समाचार संगठनों को निर्देश दिया जाए कि उनके यहां भारतीय नागरिक को ही संपादक रखा जाए। दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेसन व न्यायमूर्ति जयंतनाथ ने इस जनहित याचिका पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और ऑफिस ऑफ रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब मागा है। अब इस मामले में 24 जुलाई को सुनवाई होगी।
सुब्रहमण्यम स्वामी ने जनहित याचिका में मांग की है कि सभी समाचार संगठनों में विदेशियों की बजाय भारतीय नागरिक को ही संपादक रखा जाना चाहिए। प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ बुक एक्ट के अनुसार किसी समाचार संगठन में भारतीय नागरिक ही संपादक बन सकता है। जबकि कुछ अंग्रेजी समाचार पत्रों ने दूसरे देश के नागरिकों को अपने यहां पर संपादक नियुक्त कर रखा है। संपादक का पद जिम्मेदारी पूर्ण होता है। इस पद पर नियुक्त व्यक्ति समाचार पत्र में छपी हर सामग्री के लिए जिम्मेदार होता है।
उन्होंने यह भी कहा है कि संपादक पर यह भी दायित्व होता है कि वह देश के नागरिकों के अधिकारों का हनन एवं सामाजिक मामलों संबंधी समाचारों के प्रकाशन में सावधानी बरतें। विदेशी इन बातों को गंभीरता से लेने में सक्षम नहीं होते, क्योंकि वह न भारतीय पृष्ठभूमि से जुड़ा है और न ही यहां की संस्कृति व माहौल को गहनता से समझ पाने में सक्षम है। लिहाजा, समाचार पत्रों को निर्देश जारी किया जाए कि वे समाचार संपादक के पद पर भारतीय नागरिकों को ही नियुक्ति प्रदान करें।(एजेंसी)





